आस्था का महासंगम: त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा के गुरु पूर्णिमा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 70–80 हजार श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

गाजीपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद गाजीपुर के तुलसीपुर कांडा स्थित त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा के आश्रम में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष ऐतिहासिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पूरे दिन श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अनुमानित 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में पहुंचकर गुरु चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए, आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मानव कल्याण, सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। सुबह से लेकर देर रात तक आश्रम परिसर, मुख्य मार्ग तथा आसपास का पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, गुरु पूजन, हवन, धार्मिक अनुष्ठान एवं भजन-कीर्तन के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश, बिहार सहित आसपास के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन में भाग लिया। आश्रम परिसर में हर ओर “जय गुरुदेव” के जयघोष और भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि गूंजती रही, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।महंत एवं आश्रम परिवार के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। अनुमानित 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भोजन वितरण से लेकर पेयजल, बैठने, कतारबद्ध दर्शन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का सुव्यवस्थित प्रबंधन किया गया। आश्रम के सेवाभाव से जुड़े भक्तों, स्वयंसेवकों एवं सेवा दल के सदस्यों ने पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जिसके चलते इतने विशाल आयोजन के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रही। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आश्रम की व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।इस अवसर पर आश्रम के सचिव राजेश चौबे ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा महापर्व है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा ने सदैव मानव सेवा, आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और नैतिक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया है। यदि समाज बाबा की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करे तो प्रेम, भाईचारा और सद्भाव की भावना और अधिक मजबूत होगी।राजेश चौबे ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी श्रद्धालुओं, आश्रम परिवार, स्वयंसेवकों, सेवा दल, प्रशासन, पुलिस एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति बाबा के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी से बाबा के बताए सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एवं पुलिस की भी सक्रिय भूमिका रही। आश्रम के सेवकों और स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं का स्वागत, मार्गदर्शन और सेवा भाव से सहयोग कर आयोजन को सफल बनाया।कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना कर त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत यह गुरु पूर्णिमा महोत्सव क्षेत्र के सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजनों में शामिल रहा, जिसकी चर्चा श्रद्धालुओं के बीच लंबे समय तक होती रहेगी।

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