नई दिल्ली, । शाम्भवी पीठाधीश्वर और काली सेना के संस्थापक स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने दिल्ली में सोमवार को पत्रकारों को कहा कि बिहार में समाज के दीन दुखियों के लिए लड़ने वाले भरत तिवारी के साथ जिस प्रकार मुठभेड़ दिखाकर मारा गया, उससे प्रशासन का भ्रष्टाचार उजागर होता है। मेरी मांग है कि भरत के भाई को नौकरी मिले। परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि और उसके नाम पर भोजपुर आरा में शहीद स्मारक बने ताकि आगे आने वाली पीढ़ियां उसके सामाजिक कार्य और गरीबों की लड़ाई को याद रख सके।read more:https://pahaltoday.com/shailendra-kumar-dwivedi-a-pharmacist-posted-at-the-community-health-center-visheshwarganj-became-the-district-president-of-the-health-department/आनंद स्वरूप ने कहा कि कानून से उपर कोई नहीं है। कानून के मुताबिक मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोली चलती है और पहले पैर में गोली मारकर कब्जा में लिया जाता है और फिर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अदालत में चलती है। लेकिन भरत तिवारी के मामले में जब उसने हथियार फेंक दिया तो फिर मुठभेड़ कहां हुई। यह सरासर निरीह, निहत्थे नवजवान की हत्या है। यह उसी प्रकार की हत्या है जब प्रशासनिक कार्यों में हो रही भ्रष्टाचार को कोई विरोध करता है तो एक सुनियोजित तरीके से कार्यकर्ताआों को रास्ते से अलग कर दिया जाता है। इससे पहले स्वामी जी रविवार को हरिद्वार के रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क एवं लोकदर्शन कार्यक्रम के तहत विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। लोगों की समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास और उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में मनोज शुक्ल, सभासद चंद्रभान सिंह, अपर्णा तिवारी, प्रमोद डोभाल, राजनारायण मिश्र, राजेश बिष्ट, खेमचंद, विवेक वर्मा, सूरत सिंह भंडारी और अनीता बिष्ट सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि उनका उद्देश्य उत्तराखंड को भारत का पहला आदर्श हिंदू राज्य बनाना है, जहां सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के साथ प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं, सम्मानजनक जीवन और सुशासन प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जनसेवा उनके सार्वजनिक जीवन का मूल आधार है और वे समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। जनसंपर्क अभियान के तहत उन्होंने सराय क्षेत्र में अंकित शर्मा के निवास पर स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। इसके बाद हाईवे ग्रीन कॉलोनी में रितेश सिंह, विमलेश मिश्र, मनोज मिश्र, दुर्गेश पांडे, संजीव शर्मा, जगदीश शर्मा, विशाल सिंह और विकास सिंह के आवासों पर पहुंचकर क्षेत्रीय समस्याओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की।इससे पहले शिवालिक नगर में समाजसेवी एवं शिवा मंदिर के महासचिव शशिभूषण पांडे के निवास पर आयोजित बैठक में उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं टिहरी विस्थापित कॉलोनी में राज तिवारी के निवास पर आयोजित बैठक में प्रदेश से हो रहे “पानी और जवानी के पलायन” के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित लोगों ने रोजगार, शिक्षा और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देकर पलायन की समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने प्रदेश को ईमानदार, दूरदर्शी और जनहितैषी नेतृत्व की आवश्यकता बताते हुए स्वामी आनंद स्वरूप महाराज से उत्तराखंड के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में स्वामी जी ने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसंपर्क अभियान निरंतर जारी रहेगा और जनता की आवाज को प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।