उन्नाव। समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की ओर से पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र की महिलाओं और बेटियों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। इस बार 30 अगस्त को रायबरेली-उन्नाव हाईवे के किनारे कार्यक्रम प्रस्तावित था। आयोजन को लेकर पिछले एक सप्ताह से तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर जर्मन हैंगर, कुर्सियों और पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। सुबह मिली बड़ी भीड़ की सूचना आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की जानकारी पहले से जिला प्रशासन को दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां भी की जा रही थीं। हालांकि, कार्यक्रम के अंतिम समय तक संभावित भीड़ का आकलन स्पष्ट नहीं हो सका। रविवार सुबह प्रशासन को सूचना मिली कि कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की आशंका के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
डीएम-एसपी पहुंचे कार्यक्रम स्थल
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं और संभावित भीड़ का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया।
राखी लेकर आईं, बिना बांधे लौटीं
कार्यक्रम रद्द होने की सूचना के बाद दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। कई महिलाएं पुष्पेंद्र प्रताप सिंह को राखी बांधने के लिए अपने साथ राखियां लेकर पहुंची थीं, लेकिन कार्यक्रम नहीं हो सका। इसके चलते महिलाओं को बिना राखी बांधे ही लौटना पड़ा।प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम रोकने के पीछे मुख्य वजह संभावित रूप से बड़ी संख्या में भीड़ जुटना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। अधिकारियों का मानना था कि इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी हो सकती है और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को देखते हुए कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया गया।
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