बारिश के बीच अकीदत से निकला जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस

बलिया। जनपद के नगरीय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारावफात ईद-मिलादुन्नवी का पर्व बुधवार को पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निकाले गए जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ अन्य संप्रदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बारिश के बीच जुलूस में शामिल लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। हालांकि, बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जामा मस्जिद विशुनीपुर से जुलूस निकाला गया। इसके अलावा बहेरी, जलालपुर, उमरगंज, परमंदापुर, काजीपुरा, राजपूत नेवरी और लोहापट्टी समेत विभिन्न मोहल्लों से भी जुलूस निकला, जो चित्तू पांडेय चौराहा के पास एकत्रित हो गया।इसके बाद जुलूस चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड, चौक शहीद पार्क, लोहापट्टी, शनिचरी मंदिर, सारंग होटल, चमन सिंह बाग रोड, चौक और धर्मशाला रोड होते हुए वापस विशुनीपुर जामा मस्जिद परिसर पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। read more:https://pahaltoday.com/adg-conducts-surprise-inspection-of-police-office-branches-emphasizes-speedy-redressal-of-public-grievances/जुलूस में जामा मस्जिद विशुनीपुर के इमाम अहमद रजा हाफिज, फखरुद्दीन हाजी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। नातिया कलाम के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। साथ ही मुल्क की सलामती के लिए दुआ की गई।जुलूस मे चल रहे हाफिज जगह-जगह वारावफात व मोहम्मद साहब के जन्म से लेकर बेसाल तक के संबंध में जानकारी शेयर करते रहे। जुलूस में तिरंगे के साथ ही तरह -तरह के झंडे के साथ युवा बुजुर्ग व बच्चे शामिल रहे।इस दौरान लोगों द्वारा विभिन्न नारे लगाए गये। पैगम्बर मुहम्मद साहब का जन्म तथा बेसाल इसी दिन हुआ था। पैगम्बर मुहम्मद साहब 12 दिवस तक बीमार रहे।इसी लिए इसे वारावफात कहा जाता है।जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। वहीं, सादे वेश में एलआईयू के जवान भी पूरे जुलूस पर पैनी नजर बनाए रहे।

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