बेअसर साबित हो रहा जिलाधिकारी का आदेश, मनमानी से फरियादी परेशान

कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के सामने खुलेआम विभिन्न दलों के नेता उड़ा रहे डीएम के आदेश की धज्जियांनिर्धारित स्थल छोड़ डीएम कक्ष के सामने किया जा रहा प्रदर्शन, प्रशासनिक सख्ती पर उठ रहे सवालसोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन को सुव्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा जारी सख्त आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। डीएम के आदेश में स्पष्ट रूप से कलेक्ट्रेट भवन के पीछे कोषागार कार्यालय के सामने पश्चिम दिशा में धरना-प्रदर्शन के लिए पृथक स्थल निर्धारित किया गया था और निर्देश दिए गए थे कि सभी ज्ञापन भी वहीं प्राप्त किए जाएंगे। बावजूद इसके कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कक्ष के सामने ही विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा खुलेआम धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।19 जून 2026 को जारी आदेश में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया था कि कलेक्ट्रेट परिसर में अनियंत्रित धरना-प्रदर्शन से जनसुनवाई और शासकीय कार्य प्रभावित होते हैं। इसी कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि किसी भी संगठन को निर्धारित स्थल के अलावा कहीं और प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को वहीं पहुंचकर ज्ञापन लेने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन ताजा घटनाक्रम में इन निर्देशों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दी। जिलाधिकारी कक्ष के सामने ही प्रदर्शन होने से यह सवाल उठने लगे हैं कि जब कलेक्ट्रेट परिसर में, वह भी प्रशासन की आंखों के सामने, आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है तो जिले के अन्य विभागों में नियमों की स्थिति क्या होगी। प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा है कि यदि नियम सबके लिए समान हैं तो उनके पालन में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने ही आदेश की अवहेलना पर क्या कदम उठाता है या फिर यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/

बगैर नियमित रेडियोलाजिस्ट के चल रहा महेंद्र पैथोलॉजी सेंटरशिकायतकर्ता ने सेंटर पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर कार्रवाई की किया मांगसोनभद्र। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोपन के सामने संचालित महेंद्र पैथोलॉजी एंड डायग्नोस्टिक सेंटर को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश पाण्डेय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को शिकायती पत्र देकर केंद्र में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि केंद्र पर नियमित रूप से योग्य एवं पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं रहते, फिर भी अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें किए जाने की बात सामने आ रही है। साथ ही बाहरी जनपद के चिकित्सक के पंजीकरण अथवा डिग्री का उपयोग कर केंद्र संचालित किए जाने की भी आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह संबंधित नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा और इससे मरीजों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। शिकायत में मांग की गई है कि केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर यह सत्यापित किया जाए कि संबंधित रेडियोलॉजिस्ट प्रतिदिन किस समय केंद्र पर उपस्थित रहते हैं, कितनी अवधि तक सेवाएं देते हैं तथा उनके अनुपस्थित रहने के दौरान कहीं अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच तो नहीं की जाती। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, फर्जी उपस्थिति, बिना योग्य चिकित्सक के जांच या अधिकारियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *