सीएम पोर्टल पर भी नहीं हुई सुनवाई, 38 दिन से शिकायत लंबित

शासनादेश को दर किनार कर मनमानी तौर पर प्रकाशित करायी गई ई-निविदा का मामलासोनभद्र। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज ग्राम पंचायतों की ई-निविदाओं में कथित अनियमितता की गंभीर शिकायत 38 दिन बीतने के बाद भी लंबित है। इससे मुख्यमंत्री जनसुनवाई प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायती राज विभाग ने नियमों की अनदेखी करते हुए ई-निविदाओं का प्रकाशन ऐसे समाचार पत्रों में कराया, जिनका जनपद में वास्तविक प्रसार न के बराबर है।शिकायत संख्या 40020026012244 में आरोप लगाया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया से निविदाओं की पारदर्शिता प्रभावित हुई है और प्रतिस्पर्धा सीमित होने की आशंका बनी हुई है। शिकायतकर्ता ने वित्तिय वर्ष 2025-26, 2026-27 में ग्राम पंचायतों की सभी ई-निविदाओं की उच्चस्तरीय जांच, भुगतान अभिलेखों के विशेष ऑडिट तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 28 जून 2026 को दर्ज इस शिकायत पर आज तक न तो जांच पूरी हुई और न ही कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने आई। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, और यदि आरोप निराधार हैं तो शिकायत का समयबद्ध निस्तारण क्यों नहीं किया जा रहा। अब सवाल सीधे व्यवस्था पर है, क्या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सिर्फ शिकायत दर्ज करने का माध्यम बनकर रह गया है, या फिर गंभीर मामलों में भी फाइलें लंबित रखने की परंपरा जारी है। ग्राम पंचायतों की ई-निविदाओं में कथित अनियमितता और सरकारी धन के उपयोग से जुड़े इस मामले में शासन की चुप्पी कई नए सवाल खड़े कर रही है। उधर इस बावत डीपीआरओ से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिली।
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ई-निविदा प्रकाशन के नाम पर लाखों का घोटाला, जांच ठंडे बस्ते मेंफरियादियों को घर बैठे त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से सूबे की भाजपा सरकार द्वारा जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) लांच किया गया है। सरकार की मंशा है कि इस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाया जाए। लेकिन पंचायती राज विभाग के अधिकारी बिना किसी डर-भय के सरकार की मंशा पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शासनादेश को दर किनार कर ग्राम पंचायतों में ई-निविदा प्रकाशन के नाम लाखों रूपए के कथित घोटाला करने के संबंध में जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत 38 दिन बाद भी लंबित पड़ी है। बीते 28 जून 2026 को इस संबंध में की गई शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। बिड़ंबना यह है कि शासन की मंशानुरूप कार्य संपादित कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा समय-समय पर जनपद के समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़े निर्देश दिए जाते हैं। बावजूद इसके जनसुनवाई पोर्टल पर ई-निविदा प्रकाशन से संबंधित शिकायत 38 दिनों से लंबित पड़ी है।

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