जमानियां। भाजपा सरकार सत्ता की ताकत और अहंकार पूरी तरह से डूब चुकी है। जिसके कारण जंतर मंतर पर देश के लाखों नवजवानों जिसमें छात्र छात्राओं सहित महिलाओं के उपर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज कराकर सैकड़ों लोगों को घायल किया।है। बताया जाता कि दिल्ली जंतर मंतर पर युवाओं के हौसले को बढ़ाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गिरफ्तारी को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया। जिसके चलते जहां तहां सपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने के लिए संगठित होने की सूचना पर कोतवाली पुलिस जमानियां ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा के आवास महेवा पहुंचकर नजर बंद कर लिया। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने या हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। विशेषकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान। हालांकि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि को उनके आवास पर कोतवाली पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने की कोई पुष्ट एवं सत्यापित किया।read more:……………. https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/ इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की आवाज सबसे बड़ी ताकत होती है। जिसे किसी भी सत्ता के अहंकार या दमन से दबाया नहीं जा सकता। इतिहास गवाह है। कि जब हक और न्याय की मांग सड़क पर उठती है। तो हुकूमतों को झुकना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और जनशक्तिजनता की ताकत देश का मालिक जनसमूह और युवा हैं। कोई भी कुर्सी या पद स्थायी नहीं होता। सरकार का काम दमन करना नहीं बल्कि नागरिकों की बात सुनना और जवाब देना है। कुशवाहा ने कहा कि बदलाव की बिगुल बज चुकी है। सरकार के दलालों या फिर विधायक मंत्री को भागने का मौका नहीं मिलेगा। क्योंकि दमन के पैंतरे बेकार साबित होते हैं। जब पूरा देश अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो जाता है। संतोष कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और युवाओं का आक्रोश किसी भी सत्ता के अहंकार और दमनकारी नीतियों से बड़ा होता है। इतिहास गवाह है कि बल और भय से जनहित की भावनाओं को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। लोकतंत्र और जनशक्तिजनता की ताकत सरकारें वोटों और समर्थन से बनती हैं। इसलिए अंतिम शक्ति जनता के पास होती है।युवाओं का आक्रोश शिक्षा, रोजगार और अधिकारों के लिए उठने वाली आवाजें प्रशासनिक या राजनीतिक दबाव से रुकती नहीं हैं। तानाशाही और अहंकार से चलने वाली हुकूमतें जनभावनाओं के आगे टिक नहीं पातीं, और न्याय की जीत तय होती है। भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अब युवा वर्ग चुप नहीं बैठेगी। फोटो