महिला स्वास्थ्य कर्मी दाई जर्जर आवास और आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियमों को ताख पर आवास कहा तक सही है।

जमानियां। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित कुछ सरकारी आवास रहने लायक नहीं लेकिन दाई मुन्नी देवी अपनी जान की बाजी लगाकर जर्जर आवास में रहने को मजबूर। जबकि आउटसोर्सिंग कर्मचारी को सरकारी आवास उपलब्ध कराया गया है। हिंदुस्तान टीम के द्वारा बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। तो दाई मुन्नी देवी ने रोते हुए बताया कि मुझे अस्पताल परिसर में बने सरकारी जर्जर आवास में रहने के लिए आबंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि जर्जर आवास से पानी निकास की रास्ता में कूडो कि ढेर से बंद हो चुकी है। जिसके चलते आवास परिसर में पानी इक्कठा होने से काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। बताया जाता है। की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित सरकारी आवास को एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी को दिया गया है।read more ;https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/ जबकि एक महिला दाई कर्मचारी को जर्जर आवास रहने के लिए दिया गया है। यह कहां तक न्याय संगत कार्यवाही किया गया है। दाई मुन्नी देवी ने रोते हुए। मुख्यचिकित्साधिकारी से नियमों के तहत कार्यवाही करने की मांग किया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मनमानी ढंग से नियमों को ताखपर रखकर कार्य किए जाते है। जिम्मेदार प्रभारी चिकित्सक को सबकुछ संज्ञान में होने के बाद भी महिला दाई के साथ इंसाफ दिलाने के लिए कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि केंद्र में मरम्मत का कार्य चल रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद अन्य आवास उपलब्ध करा दी जाएगी। फोटो

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