मुहम्मदाबाद में दस्तक अभियान ने पकड़ी रफ्तार, T3 मॉडल से संचारी रोगों पर कसेगा शिकंजा

गाजीपुर। जनपद में 1 जुलाई से संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ अब स्वास्थ्य विभाग ने दस्तक अभियान को भी तेज कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद क्षेत्र में यह अभियान T3 मॉडल (टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक) के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि मलेरिया, डेंगू, टीबी सहित अन्य संचारी रोगों की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/
सीएचसी मुहम्मदाबाद के अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि अभियान के तहत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही बुखार, दस्त एवं अन्य लक्षणों से ग्रसित मरीजों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलोअप भी किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचा रही हैं। दस्त से पीड़ित बच्चों को ओआरएस और जिंक की दवा उपलब्ध कराई जा रही है तथा परिजनों को ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि भी सिखाई जा रही है। अभियान के दौरान एकत्रित सभी जानकारियों का अंकन ई-कवच पोर्टल पर आशा एवं एएनएम के माध्यम से किया जा रहा है।सीएचसी मुहम्मदाबाद की चिकित्सकीय टीम नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर संचारी रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध करा रही है। अस्पताल में टाइफाइड, मलेरिया, सीबीसी, डेंगू, बलगम एवं सीबी-नाट (CBNAAT) जांच के साथ एक्स-रे सुविधा भी उपलब्ध है।
T3 मॉडल से टूटेगी संक्रमण की श्रृंखला
डॉ. आशीष राय ने बताया कि T3 मॉडल (Test, Treat and Track) संचारी रोग नियंत्रण की एक प्रभावी रणनीति है।
टेस्ट (Test): संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच कर संक्रमण की पुष्टि की जाती है।
ट्रीट (Treat): संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को तुरंत उचित दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
ट्रैक (Track): मरीज का नियमित फॉलोअप किया जाता है तथा उसके संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी और आवश्यक जांच कराई जाती है।
बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि इस रणनीति से बीमारी की समय पर पहचान होती है, गलत दवाओं के उपयोग से बचाव होता है और संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ मरीजों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित कर रही हैं।

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