देवबंद (सहारनपुर)। भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन अधिकांश गांवों में लोगों को आज भी एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में भगत सिंह वर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन के नाम पर गांवों की सीसी और खड़ंजा सड़कें तोड़ दी गईं तथा पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन कई स्थानों पर घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन गांवों में पानी की टंकियां और नलकूप स्थापित किए जा चुके हैं, वहां भी अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।read more:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/ उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में राष्ट्रीय स्तर पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। केंद्र सरकार को इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी कर देश की जनता को वास्तविक स्थिति बतानी चाहिए। साथ ही योजना में भ्रष्टाचार करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां कुर्क की जानी चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने मांग की कि सरकार और संबंधित विभाग तत्काल गांवों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराएं तथा पानी की टंकियों को चालू कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार रोकने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।