नई दिल्ली/जयपुर। जिस उम्र में ज्यादातर छात्र बोर्ड परीक्षा और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, उसी उम्र में जयपुर के 17 वर्षीय छात्र ईशान बजाज ने ऐसा नेटवर्क खड़ा कर दिया, जिसकी पहुंच अब 25 देशों तक हो गई है। दो साल पहले शुरू हुई उनकी संस्था ‘स्वयम्’ आज एलजीबीटी+ समुदाय के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने का काम कर रही है।
संस्था के अनुसार, अब तक 200 एलजीबीटी+ लोगों को रोजगार दिलाया जा चुका है और 200 सक्रिय स्वयंसेवक इससे जुड़े हैं। कानपुर, लखनऊ, जयपुर, देहरादून और चंडीगढ़ जैसे शहरों में आयोजित कार्यक्रमों से करीब 40 हजार लोग सीधे जुड़े, जबकि सोशल मीडिया के जरिए लगभग 4 लाख लोगों तक पहुंच बनाई गई।संस्था का दावा है कि पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बांग्लादेश में एलजीबीटी+ समुदाय के लिए समावेशी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं, फिलीपींस में अब तक की सबसे बड़ी प्राइड मार्च के आयोजन में भी सहयोग किया गया।ईशान का कहना है कि केवल जागरूकता कार्यक्रम काफी नहीं हैं। इसी सोच के तहत संस्था ने कौशल विकास और नौकरी दिलाने पर जोर दिया। इसके लिए छोटे-छोटे दान के जरिए 10 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि जुटाई गई और कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी भी की गई।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/अब ईशान की अगली पहल ‘हमारी आवाज’ है। 8 अगस्त को प्रस्तावित इस अभियान में 25 राज्यों के 25 शहरों में 30 हजार से अधिक छात्रों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को लेकर व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।