आजमगढ़। जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। लपसीपुर गांव में बिना मान्यता संचालित बताए जा रहे मां लालती देवी शिक्षा निकेतन की बच्चों से भरी स्कूल जीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के वक्त वाहन में करीब 15 मासूम छात्र सवार थे। जीप पलटते ही बच्चों की चीख पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। मौके पर अफरा तफरी मच गई। ग्रामीण दौड़ पड़े और पुलिस की मदद से सभी बच्चों को वाहन से बाहर निकाला गया।इस दर्दनाक हादसे में धर्मपुर निवासी आदित्य, पुत्र धर्मवीर, गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके हाथ में फ्रैक्चर और कंधे के पास गंभीर चोट की पुष्टि की। अन्य बच्चों को मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार कर परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की जीप रोज की तरह आसपास के गांवों से बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही थी। जैसे ही वाहन महाबलपुर, भुजही मोड़ के पास पहुंचा, चालक अचानक संतुलन खो बैठा। तेज रफ्तार जीप सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद वाहन के अंदर फंसे बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि संबंधित विद्यालय लंबे समय से बिना मान्यता संचालित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2025 में भी विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया था। इतना ही नहीं, 13 जुलाई 2026 को शिक्षा विभाग के निरीक्षण में भी अनियमितताएं मिलने पर बच्चों की छुट्टी कराई गई थी। इसके बावजूद अगले ही दिन विद्यालय का संचालन और बच्चों का परिवहन जारी रहा।हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि यदि शिक्षा विभाग और प्रशासन ने पहले की कार्रवाई का कड़ाई से पालन कराया होता, तो आज यह हादसा नहीं होता। लोगों ने सवाल उठाया कि जब विद्यालय पर कार्रवाई हो चुकी थी, तो आखिर बच्चों को वाहन से लाने ले जाने की अनुमति किसके संरक्षण में दी जा रही थी।सूचना मिलते ही जहानागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। वहीं शिक्षा विभाग भी मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि विद्यालय बिना मान्यता संचालित पाया गया और नियमों का उल्लंघन सिद्ध हुआ, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल घायल छात्र का इलाज जारी है। पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी और ऐसे विद्यालयों पर पूरी तरह रोक कब लगेगी।