मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया मोमिन अंसारी समाज के तत्वावधान में आयोजित कौमी एकता सम्मेलन सामाजिक एकता, शिक्षा और समाज सुधार का प्रभावशाली मंच बनकर उभरा। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए समाज के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एकजुटता का संदेश दिया।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिन रजा तथा पूर्व विंग कमांडर ए.एच. अंसारी (बेंगलुरु) ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आधार शिक्षा होती है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक एवं उच्च शिक्षा प्राप्त करने का आह्वान करते हुए दहेज प्रथा, अशिक्षा, नशाखोरी, आपसी वैमनस्य और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बन सकता है। पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि अनावश्यक खर्च की बचत कर असहाय लोगों में तकसीम करने से दिल को सुकून मिलता है। अगर फकीर हाथ फैलाने के लिए मजबूर हुआ है तो उसका हक जरूर किसी ने छीना होगा इस पर गौर करना चाहिए। सभी धर्म का मकसद सामाजिक बुराइयां खत्म करना है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर वतन पर आ जाए तो सभी को वतन पर एक साथ खड़ा होना होगा।वक्ताओं ने समाज में भाईचारा, संगठन और पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आना समय की आवश्यकता है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।सम्मेलन की अध्यक्षता मुफ्ती मुजीबुर रहमान कासमी ने की, जबकि कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन डॉ. असजद ने किया।इस अवसर पर ऑल इंडिया मोमिन अंसारी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष इरफान अंसारी, महासचिव ताहिर हुसैन अंसारी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष इरशाद अंसारी, मुजफ्फरनगर बार संघ के पूर्व अध्यक्ष वसी अंसारी, मौलाना सिकंदर आजम, पूर्व मंत्री शाहबुद्दीन अंसारी (बिजनौर), जिला अध्यक्ष कय्यूम अंसारी, कानूनी सलाहकार आश मोहम्मद एडवोकेट सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखे और समाज को शिक्षा, संगठन एवं सामाजिक जागरूकता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।सम्मेलन के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने समाज को शिक्षित, संगठित और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज में जागरूकता, एकता और सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा प्रदान करेंगे तथा आने वाले समय में ऐसे आयोजन नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
हिंदू मुस्लिम मेधावी बच्चों को किया गया सम्मानित
सम्मेलन के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज के मेधावी विद्यार्थियों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। हाल ही में एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले डॉ. आशुतोष, डॉ. अभिषेक, डॉ. अनवार अंसारी, डॉ. ताजीम सैफी एवं डॉ. साहिल त्यागी को मंच पर सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन युवाओं की सफलता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि शिक्षा ही सामाजिक उन्नति और राष्ट्रीय एकता का सबसे सशक्त माध्यम है।
सम्मेलन में मौजूद अतिथियों ने कहा कि विभिन्न समुदायों से आने वाले इन युवा चिकित्सकों का एक साथ सम्मान करना कौमी एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाने तथा समाज और देश की सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया।