बाराबंकी। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने बाराबंकी में एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की। इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक पिछड़ेपन का समकालीन और अनुभवजन्य अध्ययन करना था। सुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे। यह सुनवाई कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में हुई। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। सुनवाई के दौरान, विभिन्न पक्षों ने ग्रामीण निकायों में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था और राजनीतिक पिछड़ेपन से संबंधित तथ्य और सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना। आयोग ने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों और तथ्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा और उन्हें अपनी संस्तुतियों में उचित स्थान दिया जाएगा। न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन का निष्पक्ष और तथ्यपरक अध्ययन करना है।read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/ उन्होंने यह भी कहा कि इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न मंडलों में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जा रही हैं। इसका लक्ष्य सभी संबंधित पक्षों की राय के आधार पर व्यापक और संतुलित संस्तुतियां तैयार करना है। सार्वजनिक सुनवाई के बाद, आयोग ने कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता भी की। इसमें आयोग की कार्यप्रणाली, अध्ययन के उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर से प्राप्त सुझावों और तथ्यों के आधार पर तैयार की जाने वाली संस्तुतियां स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस दौरान आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त डीएनजे), संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे), डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) और एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी मौजूद रहे।