भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।लगातार हो रही वर्षा के कारण पवित्र शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे प्रसिद्ध रामघाट के आसपास स्थित कई छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए। घाट के कई हिस्सों तक नदी का पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है
राजधानी भोपाल में भी अनेक निचले इलाकों में बारिश का पानी भर गया, जिससे जाम की स्थिति बनी नाले उफान पर रहे जिससे अनेक घरों में जलभराव हुआ इससे लोगों को खासी परेशानी हुई इस तरह पहली बारिश ने ही शासन-शासन के तमाम दावो की पोल खोलकर रख दी लगातार बारिश के चलते उज्जैन शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और कई स्थानों पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। read more:https://pahaltoday.com/delay-in-justice-leads-to-failure-of-justice-prof-vijay-tiwaभारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले पांच से छह दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिणपश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में होगी व्यापक वर्षा आईएमडी ने 8 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक वर्षा का अनुमान जताया है। विशेष रूप से 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।विभाग के अनुसार, इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। साथ ही बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है।