भोपाल । गांधी मेडिकल कॉलेज के हमीदिया अस्पताल में अब गंभीर मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो गई है। सर्जरी विभाग ने पेट की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी यूनिट में यह सेवा शुरू की है।read more:https://pahaltoday.com/barabanki-festival-will-be-inaugurated-from-april-10/हमीदिया अस्पताल के बेस्ट लैप्रोस्कोपिक सर्जन, बेस्ट बैरिएट्रिक सर्जन डा. संदीप जैन ने बताया कि मोटापा सिर्फ वजन बढऩा नहीं है, यह कई बीमारियों की जड़ है।गंभीर मोटापे के कारण डायबिटीज, हाई बीपी, जोड़ों का दर्द, सांस की तकलीफ और हार्ट की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों में दवाओं और डाइट से वजन कम नहीं होता, उनके लिए बैरिएट्रिक सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।डा. जैन ने बताया कि बैरिएट्रिक सर्जरी दूरबीन पद्धति यानी लेप्रोस्कोपी से की जाएगी। इसमें पेट पर छोटे-छोटे छेद कर आमाशय का आकार छोटा कर दिया जाता है। इससे मरीज कम खाता है और वजन तेजी से घटता है। सर्जरी के बाद डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारियों में भी काफी सुधार आता है। यह सर्जरी उन मरीजों के लिए है जिनका बीएमआइ 35 से ज्यादा है या बीएमआई 30 के साथ डायबिटीज, बीपी जैसी बीमारी है। सर्जरी से पहले मरीज की पूरी जांच की जाएगी। एंडोक्राइन, कार्डियोलाजी और मनोचिकित्सा विभाग की टीम मिलकर तय करेगी कि मरीज सर्जरी के लिए फिट है या नहीं। हमीदिया में यह सुविधा शुरू होने से अब गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों के महंगे खर्च से राहत मिलेगी। पहले मोटापे की सर्जरी के लिए मरीजों को दिल्ली-मुंबई जाना पड़ता था।