सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र के पपड़ाहवा, पल्हारी और चेरुई गांवों में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन किया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने कंपनी स्थापना का विरोध करते हुए इसे क्षेत्र के पर्यावरण, जल, जंगल और जमीन के लिए गंभीर खतरा बताया।read more:https://pahaltoday.com/voluntary-childlessness-the-need-of-the-hour/प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बीडीसी सदस्य बिंदु अगरिया ने कहा कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र में कंपनी नहीं लगने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सोनभद्र का यह इलाका अपने स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों के कारण विशेष पहचान रखता है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा और आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं, रामबहाल खरवार ने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों न आए, गांव में कंपनी स्थापित नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनियां रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन वास्तविकता में स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिलता। उनका कहना था कि जिले में पहले से स्थापित कई बड़े उद्योग स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं, इसलिए नई परियोजनाओं को लेकर लोगों में अविश्वास है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना आदिवासियों के अधिकारों और संसाधनों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को बढ़ावा देने में लगी है, जबकि मूल निवासियों की समस्याओं और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासियों की सहमति के बिना कंपनी स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। संदीप मिश्रा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा तथा किसी भी कीमत पर आदिवासी समाज के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर प्रमिला बरमतिया, पुष्पा खरवार, पिंकी अगरिया, रजावती, बिंदु अगरिया, सुदामा चेरो, दिनेश, रामबहाल खरवार, गुलाब, शत्रुधन बिंद, विजय बिंद, संजय बियार आदि मौजूद रहे।