सोनभद्र। जनपद में बिना मान्यता और नियमों को ताक पर रखकर संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कोन एवं दुद्धी क्षेत्र में औचक छापेमारी कर अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की।निरीक्षण के दौरान सबसे चैंकाने वाला मामला कोन स्थित इंडियन हॉस्पिटल का सामने आया, जिसे पूर्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया गया था। आरोप है कि संचालकों ने प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना करते हुए सील तोड़कर अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू कर दिया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को तत्काल पुनः सीज कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देशन में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर, संबंधित उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं पुलिस बल की टीम ने दुद्धी क्षेत्र के अस्पतालों की भी जांच की। जांच के दौरान के.एम. हॉस्पिटल और नेशनल हॉस्पिटल में आवश्यक अभिलेख एवं वैधानिक मानक संतोषजनक न मिलने पर उन्हें भी सीज कर दिया गया।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/वहीं भरत हॉस्पिटल और ग्लोबल हॉस्पिटल पहले से सील अवस्था में मिले, जबकि राधा रानी हॉस्पिटल नामक कोई चिकित्सालय मौके पर संचालित नहीं पाया गया। सूत्रों की मानें तो जनपद में लंबे समय से कई निजी अस्पताल बिना मानक और पर्याप्त संसाधनों के मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बिना वैधानिक अनुमति संचालित अस्पतालों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।