भूगर्भ जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता, डीएम जसजीत कौर ने दिए सख्त निर्देश

बिजनौर। जनपद में लगातार गिरते भूगर्भ जल स्तर को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भूगर्भ जल अधिनियम-2019 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।read more:https://pahaltoday.com/shailendra-kumar-dwivedi-a-pharmacist-posted-at-the-community-health-center-visheshwarganj-became-the-district-president-of-the-health-department/बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि भूगर्भ जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर भी संकट गहरा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को जल संरक्षण एवं भूगर्भ जल रिचार्ज के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि जिले में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि बरसात के पानी का अधिकतम उपयोग हो सके और भूगर्भ जल स्तर में सुधार आए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य रूप से स्थापित कर उसका नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के तालाबों, पोखरों और अन्य जलाशयों का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं नियमित सफाई कराई जाए, जिससे वर्षा जल का प्राकृतिक संग्रहण और भूगर्भ जल का पुनर्भरण बेहतर ढंग से हो सके। साथ ही नालों एवं जल निकासी मार्गों को अवरुद्ध होने से बचाने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा जल को अधिकाधिक मात्रा में धरती के भीतर समाहित करने की व्यवस्था की जाए।बैठक में जिलाधिकारी ने अवैध भूगर्भ जल दोहन पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना अनुमति भूगर्भ जल के दोहन करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जाए और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। इसलिए लोगों को वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। विभिन्न विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भूगर्भ जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की तथा विभागवार प्रगति की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में जल संरक्षण को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा और इसके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

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