गाजीपुर। NEET समेत विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को सकलेनाबाद स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 के AIPMT पेपर लीक से लेकर हाल के वर्षों में NEET परीक्षा तक लगातार अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।read more:https://pahaltoday.com/prerna-yatra-organized-on-mangal-pandey-martyrdom-day-and-bankim-chandra-chattopadhyays-death-anniversary/सुनील राम ने कहा कि परीक्षा संबंधी विवादों और मानसिक दबाव के कारण कई छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कई राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली और सरकारी संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार और शिक्षा बजट में कटौती को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की।कांग्रेस नेताओं ने लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य को लेकर सरकार को अधिक संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता है।प्रेस वार्ता में अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, हामिद अली, गुलबास यादव, वीरेंद्र यादव, आलोक कुमार सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए व्यापक कदम उठाने की मांग की।