सहारनपुर। स्थानीय स्टार पेपर मिल्स लिमिटेड में शनिवार को ऑन-साइट इमरजेंसी प्लान के अंतर्गत क्लोरीन गैस रिसाव एवं आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस अभ्यास का नेतृत्व वी.पी. (वर्क्स) आई.जे. सिंह ने किया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य मिल परिसर में संभावित दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों, अधिकारियों एवं आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता और दक्षता को परखना था। मॉक ड्रिल के दौरान क्लोरीन गैस रिसाव और उसके बाद आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। जैसे ही गैस रिसाव की सूचना प्रसारित की गई, आपातकालीन अलार्म बजाया गया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। सुरक्षा कर्मियों, फायर टीम और मेडिकल स्टाफ ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई की। कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा संभावित खतरे वाले क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्लोरीन गैस अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गैस मानी जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आकस्मिक घटना से निपटने के लिए समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं ताकि कर्मचारियों को आपात स्थिति में सही निर्णय लेने और त्वरित कार्रवाई करने का प्रशिक्षण मिल सके। अभ्यास के दौरान गैस रिसाव को नियंत्रित करने, आग पर काबू पाने तथा घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की सभी प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल में कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, सुरक्षा अधिकारियों, अग्निशमन अधिकारियों, फायरमैन, मेडिकल स्टाफ और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से फायर एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी मौजूद रहकर अभ्यास का निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव दिए।read more:https://pahaltoday.com/major-action-by-mineral-department-2-mines-sealed-7-trucks-seized/अभ्यास के दौरान आपदा नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव दलों के बीच समन्वय तथा आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत कार्य बिना किसी देरी के प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। मॉक ड्रिल के समापन पर वी.पी. (वर्क्स) आई.जे. सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं बल्कि वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार रहना है। फायर विभाग की ओर से उपस्थित एफ.एस.ओ. ऋषभ पंवार ने भी अभ्यास को सफल बताते हुए कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय प्रशिक्षित प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना के प्रभाव को कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।