म्योरपुर (सोनभद्र)। वन प्रभाग रेणुकूट अंतर्गत म्योरपुर रेंज के खाटाबरन जंगल में खैर के बहुमूल्य वृक्षों की अवैध कटान का मामला प्रकाश में आया है। तस्कर जंगल से करीब आधा दर्जन खैर के पेड़ काटकर ले गए, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के सामने आने के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, खाटाबरन वन क्षेत्र में अज्ञात तस्करों ने रात के अंधेरे में खैर के कई पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा दिया। जब कटान की जानकारी ग्रामीणों और वन कर्मियों को हुई तो विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर कटे हुए पेड़ों के अवशेष मिलने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अवैध कटान की घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में लकड़ी तस्करों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। उन्होंने वन संपदा की सुरक्षा के लिए गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चाएं हैं कि लगातार हो रही अवैध कटान की घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं संरक्षण की भूमिका हो सकती है।read more:https://pahaltoday.com/school-chalo-campaign-increased-awareness/हालांकि इन चर्चाओं और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में वन दरोगा बंधु राम ने बताया कि अज्ञात कटानकर्ताओं के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कटे हुए वृक्षों का विवरण संकलित किया जा रहा है तथा अवैध कटान में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी बात कही है।