नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर स्थित विद्या बाल भवन पब्लिक स्कूल में समस्त शर्मा परिवार के सहयोग से आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। यह भव्य धार्मिक आयोजन 13 जून से 20 जून 2026 तक विद्यालय परिसर, एम.बी.-92, मास्टर ब्लॉक, शकरपुर, दिल्ली-92 में आयोजित किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7:30 बजे तक चलेगी।कथा के प्रथम दिवस पर प्रातः 9 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इसके उपरांत व्यास पीठ से प्रसिद्ध कथा व्यास पंडित ओम प्रकाश शास्त्री जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का गुणगान करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, सदाचार एवं मानव कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ का श्रवण नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली आध्यात्मिक साधना है।इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. हरि दत्त शर्मा, प्रख्यात दंत चिकित्सक डॉ. कपिल शर्मा तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रवीण शर्मा ने पंडित ओम प्रकाश शास्त्री जी का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. हरि दत्त शर्मा ने कहा कि “श्रीमद्भागवत पुराण भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।read more:https://pahaltoday.com/if-you-go-to-visit-karnataka-then-definitely-taste-the-food-here-without-it-the-trip-is-incomplete/ शिक्षा के साथ संस्कारों का संवर्धन भी हमारी प्राथमिकता है।”डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मिक शांति और मानवीय मूल्यों का संचार करती है। वर्तमान समय में ऐसे धार्मिक आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है। कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों का विस्तार होता है।”वहीं प्रवीण शर्मा ने कहा कि “श्रीमद्भागवत पुराण हमें सत्य, सेवा, करुणा और मानवता का मार्ग दिखाता है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।”कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। पूरे विद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजन समिति के अनुसार कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है। कथा की पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन 20 जून 2026 को किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। क्षेत्र के धर्मप्रेमी लोगों में इस भव्य आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिल रहा है।