गाजीपुर। जनपद पुलिस के महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर टूटते रिश्तों को जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे तीन दंपतियों को मध्यस्थता के जरिए पुनः साथ रहने के लिए राजी कराया गया। गिले-शिकवे भुलाकर तीनों दंपतियों की सकुशल विदाई कराई गई।read more:https://worldtrustednews.in/intensive-campaign-under-mission-shakti-phase-5-0-in-ghazipur-anti-romeo-team-activated/परिवार परामर्श केंद्र में कुल 32 प्रकरणों की सुनवाई की गई। लंबे समय से विवादित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से पति-पत्नी साथ रहने को तैयार हो गए। इसके अलावा लगातार अनुपस्थित रहने वाले छह मामलों की पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि पांच मामलों में विधिक सलाह देते हुए निस्तारण किया गया। चार अन्य मामलों में दोनों पक्षों की अनुपस्थिति के चलते पत्रावली समाप्त कर दी गई। शेष मामलों में मध्यस्थता नहीं हो पाने पर अगली तिथि निर्धारित की गई। इस दौरान विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, पूजा श्रीवास्तव, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उप निरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, रागिनी चौबे, संध्या तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।