गाजीपुर जखनियां। करीब 13 वर्ष पुराने चर्चित मामले में गाजीपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने सीपीएम के जिला सचिव मंडल सदस्य विजय बहादुर सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं, खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों तथा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। फैसले की जानकारी मिलते ही समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में थाना जखनिया क्षेत्र के हंसराजपुर-ऊसरगांव निवासी घनश्याम राम से जुड़े एक प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में सीपीएम नेता विजय बहादुर सिंह समेत अन्य लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया था। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
सोमवार को गाजीपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर विजय बहादुर सिंह को बाइज्जत बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।read more:https://pahaltoday.com/sonbhadra-poet-dr-rachna-tiwari-received-the-vindhya-gaurav-samman-2026/इस दौरान उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला मंत्री एवं सीपीएम जिला कमेटी सदस्य रामअवध राम, यूनियन के जिला अध्यक्ष, सीपीएम जखनिया शाखा सचिव कमलेश राम, राजनाथ राम, वेद प्रकाश, सत्यम, सुरेश चंद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायपालिका के इस फैसले से कार्यकर्ताओं का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। फैसले के बाद क्षेत्र में समर्थकों के बीच खुशी का माहौल बना रहा।