नई दिल्ली, । दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों में स्थाई नियुक्ति की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर शिक्षक संघ एकजुट हुआ। शिक्षक संघ के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने दिल्ली विधानसभा पर धरना प्रदर्शन किया।read more:https://pahaltoday.com/aadhaar-will-be-made-free-for-children-aged-7-to-15-years-till-september-30-2026-and-can-also-be-updated-dm/
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डूटा अध्यक्ष, प्रो. वी. एस. नेगी ने इन 12 कॉलेजों में स्वीकृत रिक्त पदों को भरने में हो रहे विलंब पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस के कारण एडहॉक और गेस्ट टीचर के सहारे कॉलेज नहीं चल सकता है। शैक्षणिक कामकाज और शिक्षण का माहौल प्रभावित हुआ है। सुचारू रूप से शिक्षण व्यवस्था चलाने के लिए आज इन कॉलेजों में शिक्षक नहीं है। जिसका शिक्षा व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय व यूजीसी के मानदंडों के अनुसार नियुक्तियां किए जाने के बावजूद, इन कॉलेजों में अभी तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। डूटा ने इसके साथ अन्य मांगे भी रखीं, सभी मौजूदा शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को तुरंत मंजूरी दी जाए। सभी बारह कॉलेजों में नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। इन संस्थानों में कार्यरत मौजूदा एडहॉक व गेस्ट शिक्षकों को नियमित किया जाए। डूटा सचिव, प्रो. बिमलेंदु तीर्थंकर ने कहा कि संबंधित 12 कॉलेज के अधिकारियों द्वारा इन पदों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उच्च शिक्षा निदेशालय को पहले ही सौंपे जा चुके हैं। इन कॉलेजों में शैक्षणिक और प्रशासनिक संकट बढ़ गया है। दिल्ली सरकार शिक्षकों और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय में तुरंत कार्रवाई कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराए। इस मौके पर डॉ साक्षी यादव, डॉ आकांक्षा खुराना, प्रो ऋतु अग्रवाल, प्रो पुनीत अग्रवाल आदि के साथ हजारों शिक्षक व विद्यार्थी उपस्तित होकर अपना विरोध जताया।