नगरीय क्षेत्रों के बुजुर्गों को राहत: अब इन दस्तावेजों से भी बनेगी वृद्धावस्था पेंशन

गाजीपुर । वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए शासन ने बड़ी राहत दी है। नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को अब आयु सत्यापन के लिए हाईस्कूल प्रमाणपत्र की अनिवार्यता से आंशिक छूट प्रदान की गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने बताया कि प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी संशोधित शासनादेश के तहत अब शहरी क्षेत्रों के ऐसे वृद्धजन, जिनके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है और जहां परिवार या कुटुम्ब रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है, उन्हें वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/christians-and-muslims-together-are-converting-two-lakh-hindus-every-month-gopal-rai/उन्होंने बताया कि पूर्व में 12 मार्च 2026 के शासनादेश के अनुसार आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि को आयु प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार या कुटुम्ब रजिस्टर उपलब्ध होने के कारण वहां आयु सत्यापन में अधिक परेशानी नहीं होती थी, लेकिन नगरीय क्षेत्रों में इस व्यवस्था के अभाव में बड़ी संख्या में वृद्धजन आवेदन से वंचित हो रहे थे। अब शासन द्वारा संशोधन करते हुए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैन कार्ड को भी आयु सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेजों की सूची में शामिल कर लिया गया है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित प्रारूप पर स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह उल्लेख करना होगा कि उनके पास हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है तथा उनके क्षेत्र में परिवार या कुटुम्ब रजिस्टर की व्यवस्था भी नहीं है। समाज कल्याण विभाग के इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों वृद्धजनों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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