लखनऊः मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।read more:https://pahaltoday.com/bhadohi-mahotsav-will-be-organised-in-the-city-from-15th-to-17th-may/
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी 9 मई, 2026 को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने वाले सभी विभाग सकारात्मक प्रयास करें। लोक अदालत में अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए तथा सभी बैंक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील प्रशासन की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आम जनता की भागीदारी बढ़ायी जा सके। डिजिटल प्लेटफॉर्म व आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आमजन को इसके लाभों से अवगत कराया जाए। प्रचार-प्रसार के लिए आशा बहुओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को भी शामिल किया जा सकता है। पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित की जाए। बैंक वसूली मामले के नोटिस तामील कराने में चौकीदारों की सहायता ली जाए। आयोजन से पूर्व, बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक की जाए। मुख्य सचिव ने बिजली विभाग द्वारा लंबित न्यायालयी मामलों की कंपाउंडिंग से संबंधित विवरण न्यायालयों को उपलब्ध कराएं, ताकि इन मामलों का निस्तारण लोक अदालत में किया जा सके। 21 दिसंबर, 2021 से पहले के सभी मोटर वाहन अधिनियम चालानों के निपटान के लिए जिला न्यायालयों में प्रस्तुत किया जाए। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय सहित कई स्थानों पर विद्युत विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत समाधान शिविर का आयोजन भी किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन कोर्ट परिसर या जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेजों के परिसर में किया जाए। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को जेल में प्रदर्शित उत्पादों की तर्ज पर राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टालों के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाए। विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लोक अदालतों में स्टॉल लगाकर और साथ ही लाभार्थियों का पंजीकरण कर लोकप्रिय बनाया जा सकता है।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी 9 मई, 2026 को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने वाले सभी विभाग सकारात्मक प्रयास करें। लोक अदालत में अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए तथा सभी बैंक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील प्रशासन की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आम जनता की भागीदारी बढ़ायी जा सके। डिजिटल प्लेटफॉर्म व आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आमजन को इसके लाभों से अवगत कराया जाए। प्रचार-प्रसार के लिए आशा बहुओं और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को भी शामिल किया जा सकता है। पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित की जाए। बैंक वसूली मामले के नोटिस तामील कराने में चौकीदारों की सहायता ली जाए। आयोजन से पूर्व, बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक की जाए। मुख्य सचिव ने बिजली विभाग द्वारा लंबित न्यायालयी मामलों की कंपाउंडिंग से संबंधित विवरण न्यायालयों को उपलब्ध कराएं, ताकि इन मामलों का निस्तारण लोक अदालत में किया जा सके। 21 दिसंबर, 2021 से पहले के सभी मोटर वाहन अधिनियम चालानों के निपटान के लिए जिला न्यायालयों में प्रस्तुत किया जाए। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय सहित कई स्थानों पर विद्युत विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत समाधान शिविर का आयोजन भी किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन कोर्ट परिसर या जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेजों के परिसर में किया जाए। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को जेल में प्रदर्शित उत्पादों की तर्ज पर राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टालों के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाए। विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लोक अदालतों में स्टॉल लगाकर और साथ ही लाभार्थियों का पंजीकरण कर लोकप्रिय बनाया जा सकता है।