नहटौर। गुरुगद्दी दरबार फुलसंदा आश्रम में रविवार को आयोजित सत्संग में सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालों ने जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीव, जगत और जगदीश के संबंध को समझना ही मानव जीवन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य इन तीनों के आपसी संबंध को नहीं समझता, तब तक वह जीवन के वास्तविक सत्य से दूर भटकता रहता है।read more:https://pahaltoday.com/anger-over-attack-on-transgender-community-warning-of-agitation-if-no-action-is-taken/बाबा ने प्रवचन करते हुए कहा कि जीव अर्थात आत्मा परमात्मा का अंश है, जबकि यह संसार एक मायिक जगत है, जहां मनुष्य अपने कर्मों के आधार पर सुख-दुख का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि अज्ञानता के कारण जीव स्वयं को शरीर मान बैठता है और मोह-माया के जाल में उलझकर जीवन व्यर्थ कर देता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा से जुड़ाव ही इस बंधन से मुक्ति का एकमात्र मार्ग है, लेकिन यह मार्ग सहज नहीं है। इसके लिए सतगुरु का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। सतगुरु ही जीव को उसके वास्तविक स्वरूप का बोध कराते हैं और उसे सच्चे ज्ञान की ओर अग्रसर करते हैं। बिना सतगुरु के मनुष्य सही दिशा नहीं पा सकता। बाबा फुलसन्दे वालों ने श्रद्धालुओं से सत्संग, सेवा और सुमिरन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही साधन आत्मिक शांति और सच्चे आनंद की प्राप्ति का मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग से मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं और वह सही-गलत का भेद समझ पाता है।
सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने भक्ति भाव से प्रवचन सुने।