म्योरपुर, सोनभद्र। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री हर घर जल नल योजना का लाभ म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत रनटोला के ग्रामीणों तक अब तक नहीं पहुंच सका है। गांव में केवल पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है, जबकि घर-घर जलापूर्ति के लिए आवश्यक पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।read more:https://pahaltoday.com/banned-machines-are-exposing-claims-of-administrative-strictness/
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सरकार द्वारा योजनाओं के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। ग्रामीण ईश्वर, जयराम, बुद्धन, बच्चनलाल, हीरालाल, मानिकचंद्र, अरविंद, प्रेमप्रकाश, रामानंद, अर्जुन, प्रशांत दुबे (बाबा), राधे, गोविंद यादव, जयनाद, रामजनम और अंतलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे आज भी कुएं और हैंडपंप के पानी पर निर्भर हैं, जो वर्तमान में पीने योग्य नहीं रह गया है। मजबूरी में उन्हें दूर स्थित आरओ प्लांट से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति शुरू कराई जाए, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना न पड़े। इस संबंध में जल जीवन मिशन के अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि फिलहाल अन्य ग्राम पंचायतों में कार्य चल रहा है। वहां कार्य पूर्ण होने के बाद रनटोला में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
2019 में हुई थी योजना की शुरुआत गौरतलब है कि हर घर नल जल योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को की गई थी, जिसका लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। हालांकि, रनटोला जैसे कई गांव अब भी इस सुविधा से वंचित हैं, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।डा बृजेश महादेव को जल चैंपियन सम्मान से हुए सम्मानित । वाटर एड इंडिया द्वारा जनपद के शिक्षक डा बृजेश कुमार सिंह ‘महादेव’ को जल संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता एवं जनसहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित जल चैंपियन सम्मान से सम्मानित किया गया है। डॉ. महादेव वर्तमान में पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय पल्हारी ब्लॉक नगवां में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे ब्लॉक स्काउट मास्टर एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सोनभद्र के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वाटर एड इंडिया, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जल सेवा संस्था है, की ओर से जारी सम्मान पत्र में उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि उन्होंने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विद्यालय और समुदाय स्तर पर लोगों को सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। ज्ञात हो कि जल चैंपियन पहल वाटर एड इंडिया का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के अंतर्गत जल शपथ, वर्षा जल संचयन, स्वच्छता जागरूकता एवं सतत जल प्रबंधन जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। अब तक इस अभियान से 21 हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। डॉ. महादेव लंबे समय से शिक्षा, साहित्य, स्काउटिंग एवं सामाजिक अभियानों में सक्रिय हैं। विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना विकसित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व भी उन्हें ग्लोबल डायमंड आइकन अवार्ड, एशियन एजुकेशन अवार्ड, नेशनल बिल्डर्स अवार्ड एवं राज्य आईसीटी अवार्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।