मानव–वन्यजीव संघर्ष पर कतर्नियाघाट में WTI की पत्रकार कार्यशाला आयोजित

बहराइच ( कतर्नियाघाट )। मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मीडिया की जिम्मेदार भूमिका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से Wildlife Trust of India (WTI) द्वारा गुरुवार को कतर्नियाघाट में मीडिया प्रतिनिधियों वन जीव अभिमुखीकरण  पत्रकारों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित (DFO) सहित वन विभाग के अधिकारियों, WTI के डॉ अभिषेक घोषाल प्रबंधक एवं प्रमुख मानव वन जीव संघर्ष तथा विराट सिंह हेड कम्युनिकेशंन सदस्य सहित विशेषज्ञों एवं क्षेत्र के पत्रकारों ने भाग लिया।कार्यशाला में मानव–वन्यजीव संघर्ष के कारणों, संघर्ष की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों, रेस्क्यू अभियान की प्रक्रिया, वन्यजीवों के व्यवहार तथा जनजागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वन विभाग, स्थानीय समुदाय, मीडिया और विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।इस अवसर पर मीडिया की जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग करते समय वन्यजीवों को बिना वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि के “आदमखोर”, “खूंखार” अथवा खून का प्यासा जैसे “विलेन”  शब्दों से प्रस्तुत करने से बचना चाहिए।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette उनका कहना था कि इस प्रकार की भाषा आमजन में अनावश्यक भय ,डर पैदा करती है और वन्य जीवों के प्रति नकारात्मक धारणा को बढ़ावा देती है। पत्रकारों से अपील की गई कि वे तथ्यों पर आधारित, संतुलित और संवेदनशील रिपोर्टिंग करें, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।कार्यशाला में उपस्थित पत्रकारों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष से संबंधित समाचारों के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम मीडिया और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यशाला में उपस्थित कलमकारों में दैनिक भास्कर पत्रकार रईस खान, मनीष सिंह हिंदुस्तान, जैनुलाब्दीन दैनिक जागरण, विशाल अवस्थी,आदर्श पांडे, बिन्नू वाल्मीकि, अजय शर्मा, मनमोहन तिवारी सहित लगभग दो दर्जन पत्रकार उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यशाला WTI की ओर से सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया तथा कार्यशाला का  उपहार सहित प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

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