पेड़ हैं तो प्राण है, केपीएस डिग्री कॉलेज में हुआ पौधरोपण 

ललितपुर। केपीएस डिग्री कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के तत्वाधान में वन महोत्सव सप्ताह के अन्तर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा करना, हरियाली बढ़ाना और छात्रों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना जगाना था। कार्यक्रम की शुरूआत महाविद्यालय की डॉयरेक्टर डॉ. लतिका सुडेले और प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र प्रकाश ने पौधे लगाकर की। डॉयरेक्टर डॉ. लतिका सुडेले ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए, लेकिन लगाए गए पौधों की देखभाल बेहद जरूरी है। अगर हम पांच पौधे लगाने जा रहे है तो भले ही 2 लगा लें लेकिन उनकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी अच्छे से निभाएं। प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण का बिगड़ा संतुलन खतरे की घंटी है। जागरूकता के लिए काफी अभियान चलाए जा रहे हैं, और चल भी रहे हैं। जागरूकता बढ़ी भी है, लेकिन अधिक पौधे लगाने के स्थान पर ये जरूरी है कि हम जो पौधा लगाए उसकी परवरिश करें। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकम प्रभारी प्रभांशु नगाइच ने स्वयंसेवकों और छात्रों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की शपथ दिलायी।read more:https://pahaltoday.com/school-chalo-campaign-increased-awareness/ उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे सिर्फ पर्यावरण को ही संतुलित नहीं रखते, बल्कि हमारे जीवन के लिये भी बहुत जरूरी है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिये और उनकी देखभाल करनी चाहिये। डॉ. लतिका सुडेले ने अपने सम्बोधन में कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिये वृक्षारोपण सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन की तरह आगे बढ़ाएं। डॉ. राजेन्द्र प्रकाश ने कहा कि वन महोत्सव सप्ताह सिर्फ पौधे लगाने तक समिति नहीं होना चाहिये, बल्कि लगाये गये पौधों की देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्रों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाने के लिये प्रेरित किया। कार्यकम के दौरान महाविद्यालय परिसर में अलग-अलग तरह के छायादार और फलदार पौधे लगाये गये। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों और छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *