नई दिल्ली। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू के थपेड़ों से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए आंधी-तूफान और प्री-मानसून की बारिश बड़ी राहत बनकर आई है। इस अचानक आए मौसमी बदलाव के कारण देश के कई हिस्सों में तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दो बड़ी खुशखबरी साझा की हैं। पहली यह कि दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है, और दूसरी यह कि देश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) के कारण कई राज्यों में आंधी, पानी और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत तक के अनेक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। कुछ संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि होने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। तेजी से बढ़ रहा है दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून निरंतर अपनी गति बनाए हुए है। यह अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के एक बहुत बड़े हिस्से को कवर करते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है। आने वाले 4 से 5 दिनों के भीतर मानसून के केरल, तमिलनाडु और उनके आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मानसून की इस सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में आज बारिश की गतिविधियां बेहद तीव्र रहने वाली हैं। मौसम विभाग ने केरल और माहे के कुछ विशिष्ट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों में मेहरबान हुए बादल पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान बादलों का डेरा बना रहेगा। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी ढलानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार वर्षा हो सकती है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने और निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। पर्वतीय राज्य उत्तराखंड की बात करें तो यहाँ आज मौसम काफी आक्रामक रहने वाला है। राज्य के अधिकांश पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।read more:https://pahaltoday.com/questions-raised-over-starting-the-construction-of-the-overbridge-without-an-alternative-route/ चारधाम यात्रा मार्गों पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने देश के कोने-कोने से आ रहे तीर्थयात्रियों को मौसम का ताजा अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने की सख्त सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर में सुहावना मौसम और यूपी में बदला मिजाज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार का दिन काफी कूल-कूल और खुशनुमा रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से आसमान में दिनभर घने बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस मौसमी बदलाव से दिल्लीवासियों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि यह राहत अस्थायी है; अगले दो-तीन दिनों के बाद अधिकतम तापमान में फिर से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज होगी, जिससे सप्ताह के मध्य में गर्मी एक बार फिर अपने तेवर दिखाएगी। उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों ही अंचलों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। खेतों में काम करने वाले किसानों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत दी गई है। बिहार, झारखंड और मध्य भारत में आंधी-पानी की चेतावनी बिहार और झारखंड के अधिकांश जिलों में आज बादलों की गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना है। बिहार के उत्तरी और मध्य भागों में बादलों की सक्रियता सबसे अधिक देखी जाएगी, जिससे दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। झारखंड में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं गर्मी को सोख लेंगी, लेकिन आकाशीय बिजली का खतरा यहाँ भी बना रहेगा। इसके अलावा, पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों जैसे गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। गुजरात और राजस्थान में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का विशेष अलर्ट है। राजस्थान में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके विपरीत, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ चुनिंदा पॉकेट्स में अभी भी हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि कोंकण-गोवा के तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मछुआरों के लिए विशेष समुद्र तटीय चेतावनी मौसम की इस उथल-पुथल के बीच, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र के भीतर परिस्थितियां काफी प्रतिकूल हो गई हैं। तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झोंकेदार हवाओं के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक गहरे समुद्र में न जाने और तटों के पास ही रहने की गंभीर चेतावनी जारी की है। कुल मिलाकर, आज पूरे देश का मौसम अत्यंत गतिशील और अनपेक्षित रहने वाला है।