पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न, मिसाइलमैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि 

 हरिकृष्ण कश्यप पुखरायां कानपुर देहात। मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की 11वीं पुण्यतिथि पर भोगनीपुर अवस्थित मिसाइल मैन सामाजिक एकता पार्क में पत्थर पर उकेरे उनके चित्र के समक्ष ग्राम प्रधान अब्दुल अनीस मलिक के नेतृत्व में आयोजित पुण्य स्मृति कार्यक्रम में क्षेत्रीय गणमान्य जनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देकर उन्हें नमन किया। वही कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित समाजसेवी तथा क्षेत्रीय जनों द्वारा सामाजिक एकता के अग्रदूत की उपाधि प्राप्त डॉ अनूप सचान ने महान व्यक्तित्व के चरणों में पुष्प अर्पण कर नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व के बारे में लोगों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत के ऐसे महान व्यक्तित्व जिनके सामने सभी जातियां और धर्म नगण्य थे। उनका सिर्फ एक ही धर्म था वह था हिंदुस्तान, उनकी एक ही जाति थी भारतीय और अपने व्यक्तित्व तथा कृतित्व से वो सच्चे मायने में वह भारत के सपूत थे। एयरोस्पेस वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने देश को एक से बढ़कर एक रक्षा से संबंधित टेक्नोलॉजी और उपकरण सौंपे। जिसके कारण उन्हें मिसाइल मैन की उपाधि दी गई। देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद पूरी दुनिया ने देखा की सादगी भरा व्यक्तित्व और देश के लिए कुछ करने की तमन्ना एक सीधे-साधे इकहरे बदन वाले व्यक्तित्व के अंदर किस तरह विद्यमान थी।read more:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/ जिनकी दृढ़ इच्छा शक्ति तथा महान सोच और सादगी तथा ईमानदारी को पूरी दुनिया ने झुक झुक कर सलाम किया। भारत के मिसाइल कार्यक्रम अग्नि और पृथ्वी मिसाइल और अंतरिक्ष अभियान (SLV-III) का सफल नेतृत्व करने पर उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया।25 जुलाई 2015 को आईआईएम शिलांग, मेघालय में छात्रों को व्याख्यान देते समय अचानक हुए हृदयाघात के कारण वह हम सभी को छोड़कर चले गए। राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी उनके ना बैंक अकाउंट में कोई धन निकला ना ही उनके पास कोई चल अचल संपत्ति मिली। बल्कि कहा जाता है कि जब उनका संदूक खोला गया तो उसमें केवल दो जोड़ी पैंट शर्ट ही मिली। अब आप सोचिए भारत के सर्वोच्च पद पर रहने वाले व्यक्तित्व का जीवन कितना सादगी और सरल भरा था। हम सभी को ही नहीं पूरी दुनिया को उन पर नाज है। ऐसा व्यक्तित्व जो करोड़ों करोड़ों वर्ष तक हर भारतीय के दिल में याद रखा जाएगा। उक्त अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रथम व्यक्ति अब्दुल अनीस मालिक, प्रतिष्ठित व्यवसायी सुरेश सचान, वरिष्ठ मान्यता प्राप्त पत्रकार डॉ अनूप सचान, मो हाफिज, मानव स्वजन फाउंडेशन एनजीओ के निदेशक मनोज कुशवाहा, जुनैद खान, मो इस्तियाक, बाबा दुधनिया, मिंटू सिद्दीकी, समाजसेवी बलवान सिंह यादव, अजमेरी शाह, सरताज आलम, पंकज श्रीवास्तव, गुड्डू, इब्ने अली, राजू मिश्रा, रवि खान, अफजल, नसीम, मुश्ताक हाजी, तुक्सीर खान, मद्दू भाई, जमील अहमद, निजात सिद्दीकी, पिंटू, पच्छू, राजू, राजेंद्र, समरजीत सिंह सहित अनेकों क्षेत्रीय जनो ने कलाम साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि ज्ञापित की।

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