जलालपुर धनी मठिया में 9 दिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

गाजीपुर जखनियां।तहसील जखनियां अंतर्गत ग्राम सभा जलालपुर धनी मठिया में बुधवार को 9 दिवसीय श्री राम कथा का भव्य एवं आध्यात्मिक शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। गांव में निकली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे और जयघोष के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।यह धार्मिक आयोजन ग्राम निवासी अखिलेश गिरी द्वारा अपने वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कराया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार कथा का समय प्रतिदिन सायं 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी।कथा का रसपान श्रद्धालु मुख्य वक्ता प्रेम मूर्ति एवं युवा संत सर्वेश जी महाराज के श्रीमुख से करेंगे। प्रथम दिवस पर कथा प्रारंभ से पूर्व विधि-विधान से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया।आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती तारा गिरी, अखिलेश गिरी, मनोरमा गिरी, रमेश गिरी एवं वंदना गिरी उपस्थित रहे।कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।read more:https://khabarentertainment.in/a-murder-of-relatives-in-hamirpur-a-brother-sexually-assaults-his-minor-sister-the-accused-has-been-arrested/ प्रथम दिवस श्रीरामचरितमानस महात्म्य, द्वितीय दिवस सती प्रसंग, तृतीय दिवस शिव विवाह, चतुर्थ दिवस भगवान के अवतार के कारण, पंचम दिवस राम जन्मोत्सव, षष्ठम दिवस नामकरण एवं विद्या अध्ययन, सप्तम दिवस श्रीराम विवाह, अष्टम दिवस वन गमन एवं केवट प्रसंग तथा नवम दिवस शबरी प्रसंग, सुंदरकांड एवं श्रीराम राज्याभिषेक का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।नवम दिवस पर कथा समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश गिरी एवं रमेश गिरी के साथ पूर्व प्रधान अभय सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी अंकुर सिंह, जिला पंचायत प्रतिनिधि प्रभाकर जायसवाल, राजेश गिरी, पारस गिरी, संजय गिरी, अंबिका चौहान सहित अयोध्या से आए विद्वानजन उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगा।

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