शेरकोट । दस मोहर्रम (आशूरा) के अवसर पर मंगलवार को नगर के मोहल्ला खुराड़ा स्थित इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। नमाज-ए-जुहर के बाद आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए अमरोहा से आए मौलाना सफदर इमामी ने कहा कि कर्बला का वाकया केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसाफ, सच्चाई, सब्र और इंसानियत की रक्षा का ऐसा पैगाम है, जो हर दौर में लोगों को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने यजीदी ताकतों के सामने झुकने के बजाय अपने परिवार और 72 वफादार साथियों के साथ शहादत स्वीकार की, लेकिन हक और इंसाफ का रास्ता नहीं छोड़ा। कर्बला की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया के लिए सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण बनी हुई है।मौलाना ने कहा कि समाज में अमन, भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने मुस्लिम समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और फिरकापरस्ती से दूर रहने की अपील की।readmore:https://khabarentertainment.in/daylight-burglary-at-a-home-in-kheda-afghan-loss-of-approximately-seven-lakh-rupees-including-cash-and-jewelry/साथ ही सभी नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।मजलिस के उपरांत पारंपरिक मार्गों से मातमी जुलूस निकाला गया। खुरशीद आलम की कोठी के सामने मौलाना सफदर इमामी ने हजारों अकीदतमंदों को वाकया-ए-कर्बला विस्तार से सुनाया। जुलूस में ताजिए, झूला अली असगर, ताबूत अली अकबर तथा हजरत अब्बास आलमदार के अलम आकर्षण का केंद्र रहे। अंजुमन गुलचेन-ए-पंजेतनी के सदस्यों ने जंजीर मातम और आग पर चलकर अपनी अकीदत पेश की। पूरे जुलूस के दौरान या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं और माहौल गमगीन बना रहा।निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्वक गुजरने के बाद जुलूस शाम करीब आठ बजे इमामबाड़े पहुंचकर संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। नगर पालिका, विद्युत विभाग तथा स्थानीय नागरिकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया, जिसके लिए आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आलिम रजा ने की, जबकि संचालन सालिम रजा ने किया। अंत में एहतेशाम जैदी ने सभी अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अकीदतमंदों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।