गाजीपुर। शादियाबाद।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 6 मई को बैरमपुर गाँव में शहीद इरशाद मोहम्मद और शहीद जान मोहम्मद का सालाना उर्स बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही गाँव में धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहाँ अकीदतमंदों की भीड़ बाबा की दरगाह की ओर उमड़ पड़ी।
उर्स के अवसर पर गाँव से गागर और चादर के साथ एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। जुलूस के दौरान लोग नात व मनकबत पढ़ते हुए बाबा की शान में अकीदत पेश कर रहे थे। पूरा माहौल “या बाबा” के नारों से गूंज उठा, जिससे क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
दरगाह परिसर में विशेष सजावट की गई थी और उर्स के दौरान कौवाली का भव्य आयोजन किया गया। मशहूर कव्वालों द्वारा पेश की गई सूफियाना कलामों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरी रात चले इस कार्यक्रम में आसपास के कई गाँवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और बाबा की बारगाह में हाजिरी लगाकर अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगीं।read more:https://worldtrustednews.in/crowds-of-devotees-gathered-for-the-maha-rudra-yagna-in-baraon-the-atmosphere-resonated-with-vedic-mantras/
इस आयोजन के मुख्य आयोजक अरशद खान (मिस्टर) ने बताया कि उनका बाबा पर गहरा अकीदा और विश्वास है, और वे हर वर्ष पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ उर्स का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उर्स न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और एकता का प्रतीक भी है।
उर्स के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया। गाँव के गणमान्य व्यक्तियों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर इस आयोजन को शांतिपूर्ण और यादगार बनाया।अंत में फातेहा और दुआ के साथ उर्स का समापन हुआ, जिसमें सभी ने देश और समाज की तरक्की व अमन-शांति की कामना की।