भारत की सांस्कृतिक चेतना की उन्नायक हिन्दी

प्रसन्नता का विषय है कि डिजिटल क्रांति ने हिन्दी को नई ऊर्जा भी दी है। इंटरनेट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), पॉडकास्ट, ई-पुस्तकों और सोशल मीडिया पर हिन्दी की उपस्थिति तेज़ी से बढ़ी है। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (NEP) में मातृभाषा और भारतीय भाषाओं में प्राथमिक व तकनीकी शिक्षा देने का संकल्प हिन्दी के सांस्कृतिक और अकादमिक उत्थान को नई गति प्रदान कर रहा है।हिन्दी केवल वर्णों, शब्दों और वाक्यों की व्यवस्था नहीं है; यह भारत के ऋषियों के चिंतन, मध्यकालीन संतों के समर्पण, स्वाधीनता सेनानियों के त्याग और करोड़ों सामान्य नागरिकों के दैनिक जीवन की साझा धड़कन है।जिस प्रकार गंगा हिमालय से निकलकर अनेक जलधाराओं को समेटते हुए विशाल सागर की ओर…