रातभर जागकर बिताई रात,नीचे था जल ही जल

बलिया। हम भयभीत थे,स्याह काली रात में चारों तरफ जल ही जल था, डर लग रहा था,कटान आया था और चारों तरफ पानी हो गया था।नीचे पानी ही पानी था,हम लोग छत पर किसी तरह रातभर जागते रहे।इस बीच बहुत ज्यादा डर लग रहा था। यह कहना है बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र अन्तर्गत भोजपुरवा गांव निवासिनी बच्ची रेनू का। दरअसल बीते चार दिनों से सरयू नदी में बढ़ाव था। रविवार की रात भोजपुरवा गांव सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिर गया।यहां के निवासियों को जान बचाने के लाले पड़े थे।रात गहरी होती जा रही थी।वहीं भोजपुरवा के लोगों की नींद आंखों से गायब थी।कारण यह रहा कि गांव के चारों तरफ जल ही जल है।कटान भी तेज था। इस जलजले में लोगों की सांसे अटकी हुई थी।हालांकि रात को ही जिला प्रशासन उक्त गांव में पहुंच गया लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू नहीं हो सका। सोमवार की सुबह से लेकर शाम तक एनडीआरएफ की टीम ने करीब साठ परिवारों का रेस्क्यू करके सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ पीड़ीतो को सभी संसाधन मुहैया कराने का निर्देश दिया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
अंधेरा था,नदी के कोलाहल से डर लग रहा था
माधुरी देवी ने बताया कि अचानक पानी बढ़ गया। डर लग रहा था, साहब गए और हम लोगों को लेकर आए। बहुत ज्यादा डर लग रहा था। बताया कि अभी भी हमारा सामन,पशु तथा पुरुष वर्ग के लोग वही हैं।बिंदु देवी ने कहा कि हम लोग किसी तरह वहीं रह रहे थे। इस दौरान कोई उधर झांकने तक नहीं पहुंचा था। लीलावती देवी ने बताया कि चार दिनों से पानी आया था। रात में अचानक पानी बढ़ गया। रात भर में पानी और ढ़ाही सब लग गया। अंधेरा था, बहुत डर लग रहा था। हम लोग अपने बच्चों को लेकर किसी तरह छत पर जागते हुए रात व्यतीत किये। एक अन्य बुजुर्ग महिला ने कहा कि पानी के धार का हाहाकार था।लग रहा था उधर से कुछ आ रहा है।डर लग रहा था।
ये हैं पूरी कहानी
सरयू नदी के बाढ़ के पानी में घिरे बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र अन्तर्गत भोजपुरवा गांव के ग्रामीणों को जिला प्रशासन की मौजूदगी में सोमवार की शाम तक एनडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू आपरेशन चलाकर 60 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया।जिन्हें पर्वतपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया है।बता दें कि सरयू नदी के जलस्तर में बीते चार दिनों से तेज बढ़ोतरी हो रही थी।रविवार की देर शाम पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिर गया था।रविवार की रात भोजपुरवा गांव में चारों तरफ जल ही जल हो गया।
रात होने के कारण नहीं शुरू हो सका था रेस्क्यू आपरेशन 
लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रविवार रात ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। हालांकि अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा होने के कारण तत्काल लोगों को निकालने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई। सोमवार सुबह एनडीआरएफ की टीम के साथ ऑपरेशन रेस्क्यू शुरू किया गया। नावों के सहारे बाढ़ में फंसे करीब साठ परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालकर बंधे पर पहुंचाया गया।जहां से उन्हें पर्वतपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया।एसडीएम डा.पुष्कर मिश्र,तहसीलदार नितिन सिंह,सीओ जयशंकर मिश्र,एसएचओ राकेश सिंह की मौजूदगी में दिन भर एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शाम तक पांच दर्जन से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
नदी में हो रहा घटाव फिर भी खतरा बिन्दु के ऊपर
सरयू के जलस्तर में मंगलवार को भी गिरावट जरूर दर्ज हुई, लेकिन भोजपुरवा में बाढ़ का पानी अभी भी चुनौती बना हुआ है। डीएसपी हेड पर मंगलवार की सुबह आठ बजे जलस्तर खतरा बिन्दु 64.01 के सापेक्ष 64.24 मीटर दर्ज किया गया था।
इन परिवारों का हुआ रेस्क्यू 
रेस्क्यू किए गए परिवारों में मुन्ना यादव, राजेंद्र यादव, संजय यादव, सुधीर यादव, हीरालाल यादव, श्रीराम यादव, योगेंद्र यादव, लल्लन यादव, स्वामीनाथ यादव, श्रीकिशन यादव, राधाकृष्ण यादव, मुन्नीलाल यादव, जवाहर यादव, रामजी यादव, बलराम यादव, मुकेश, रमाशंकर और धनजी समेत अन्य परिवार शामिल रहे।
ग्रामीणों के लिए रविवार रात से सोमवार सुबह तक का समय बेहद मुश्किल भरा रहा। घरों के चारों तरफ पानी होने से बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सुबह एनडीआरएफ की नाव पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जवानों ने ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर बंधे पर पहुंचाया।
डीएम ने लिया जायजा
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को तहसील बांसडीह के बाढ़ प्रभावित ग्राम पर्वतपुर और भोजपुरवा का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से राशन, भोजन, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पर्वतपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। यहां करीब 50 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने राहत शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। बाढ़ प्रभावित लोगों के उपचार के लिए मेडिकल टीम तथा पशुओं के इलाज के लिए भी चिकित्सा टीम तैनात की गई है। जिलाधिकारी ने मेडिकल टीम से उपलब्ध दवाओं एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
एनडीआरएफ बोट से गांव का किया भ्रमण
इसके बाद जिलाधिकारी ने नाव वोट से ग्राम भोजपुरवा का भ्रमण किया और वहां बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। निरीक्षण के दौरान गांव में करीब 20 लोग अपने पशुओं के साथ मौजूद मिले। जिलाधिकारी ने सभी से अपील की कि वे आज शाम नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन बाढ़ पीड़ितों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है, उनके लिए जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने तथा पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
नौ नावें, एनडीआरएफ कि 35 सदस्यीय टीम मौजूद 
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए 9 नावों की व्यवस्था की गई है तथा 35 एनडीआरएफ कर्मियों की टीम तैनात है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा जरूरतमंदों तक सभी आवश्यक सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। निरीक्षण में एसडीएम बांसडीह, तहसीलदार बांसडीह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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