आजमगढ़। जनपद के तरवां थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर रफ्तार का कहर एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ गया। जिस बेटी की शादी की तैयारियां घर में चल रही थीं, वह सड़क हादसे में हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई। वहीं पिता गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया और परिजनों की चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया।घटना तरवां थाना क्षेत्र के नौरसिया ग्राम सभा की है। जानकारी के अनुसार प्रमोद कनौजिया अपनी 24 वर्षीय पुत्री पूनम कनौजिया को तबीयत खराब होने पर उपचार के लिए परमानपुर लेकर गए थे। इलाज के बाद दोनों साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। दोपहर लगभग 2:20 बजे परमानपुर, लालगंज मार्ग पर मौलानीपुर ग्राम सभा के समीप पीछे से तेज रफ्तार में आई सफेद रंग की एक पिकअप ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता और पुत्री कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दोनों को तत्काल परमानपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।read more:https://khabarentertainment.in/staff-nurse-accuses-blood-center-operator-of-sexual-harassment-intimidation-and-mental-harassment-case-registered/अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद पूनम कनौजिया को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं गंभीर रूप से घायल पिता प्रमोद कनौजिया की हालत नाजुक होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चक्रपाणपुर रेफर कर दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है।सूचना मिलते ही तरवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फरार पिकअप और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।बताया जा रहा है कि पूनम कनौजिया तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थीं और परिवार की बेहद लाडली थीं। पिता प्रमोद कनौजिया मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। वह कुछ दिन पहले ही अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए घर लौटे थे। परिवार में शादी की खुशियां थीं, लेकिन एक लापरवाह चालक की तेज रफ्तार ने पल भर में उन खुशियों को मातम में बदल दिया।घटना की सूचना मिलते ही माता हंस देवी, भाई विश्वनाथ, नीरज और सूरज सहित पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर तेज रफ्तार वाहनों पर कब लगाम लगेगी।पुलिस ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। दोषी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने दुर्घटना करने वाले चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।