बूढ़नपुर/आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र स्थित रेडहा साधन सहकारी समिति पर रविवार को यूरिया खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रभुदीन यादव के नेतृत्व में किसानों ने समिति परिसर में प्रदर्शन करते हुए सचिव पर पक्षपात और कथित ब्लैक मार्केटिंग का आरोप लगाया। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि धान की रोपाई लगभग पूरी हो चुकी है और इस समय फसल के लिए यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता है। इसके बावजूद समिति पर किसानों को समय से खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। किसानों का आरोप है कि समिति अक्सर समय पर नहीं खुलती तथा सचिव अपने परिचित लोगों को देर शाम अथवा सुबह के समय यूरिया उपलब्ध करा देते हैं, जबकि सामान्य किसानों को बार-बार लौटाया जाता है।किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी दुकानों पर अधिक कीमत पर यूरिया बेची जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार उपजिलाधिकारी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान आवारा पशुओं और समय पर उर्वरक न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो कृषि उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।read more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/वहीं, समिति के सचिव अमित सिंह ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि समिति में लगभग 300 बोरी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है और जो भी किसान आता है, उसे नियमानुसार खाद उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग किसानों को गुमराह कर अनावश्यक विरोध प्रदर्शन करा रहे हैं तथा समिति में किसी प्रकार की ब्लैक मार्केटिंग या पक्षपात नहीं किया जा रहा है।इस संबंध में उपजिलाधिकारी अभय राज पाण्डेय ने बताया कि किसानों की शिकायतें संज्ञान में आई हैं। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस इस मौके पर राममिलन यादव रामप्रताप सोनू सिंह अनिल निषाद छन्नू निषाद अनिल यादव तीर्थराज रामकृष्ण राम विकास यादव शिव प्रसाद पांडे सहित अनेक किसान