भदोही। जनपद के सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील भदोही में डीएम शैलेश कुमार, सीडीओ बालगोविंद शुक्ल, एसडीएम अरुण गिरी, सीओ अशोक कुमार मिश्र, तहसील औराई में एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एसडीएम श्याममणि त्रिपाठी, तहसील ज्ञानपुर में एसडीएम भानसिंह एवं अन्य अधिकारियों ने मौजूद रहकर फरियादियों की समस्याएं सुनी। कुल आए 92 प्रार्थना पत्रों में से मौके पर 16 का निस्तारण किया गया। इस दौरान डीएम के समक्ष कुल-36 प्रार्थना पत्र आएं जिसमें से 7 मामलों में त्वरित संयुक्त टीम भेजकर निस्तारण कराए गए। शेष प्रकरण में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाते हुए समय-सीमा में समाधान कराने के निर्देश दिए गए। वहीं तहसील औराई में कुल-32 में 5 का निस्तारण किया। तहसील ज्ञानपुर में कुल-24 में से 4 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी जनपदस्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण करने के लिए शिकायतकर्ता से बात करें, मौके पर जाए, स्पष्ट रूप से आख्या लिखे, कागजी खानापूर्ति न करें। शिकायतों को पारदर्शी ढंग से गुणवत्तानुरूण निस्तारण कराए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।read more:https://pahaltoday.com/bulldozer-runs-on-illegal-construction-on-canal-track/उन्होंने कहा कि सुशासन को स्थापित किया, साथ ही आईजीआरएस में प्राप्त लोक शिकायतों का निस्तारण, ऑनलाइन ‘सर्विस डिलीवरी’ की सेवाओं में वृद्धि किया गया। डीएम ने कानूनगो व लेखपाल को निर्देशित किया कि जमीन संबंधी मामले में पुलिस टीम के साथ समन्वय व सहयोग बनाते हुए निस्तारण सुनिश्चित कराए। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कुछ ऐसे मामले होते है जो दो या तीन विभागों के मध्य संयुक्त रहता है। संपूर्ण समाधान दिवस एक ऐसा सुअवसर होता है जहा पर एक ही दिन, एक ही निश्चित समय पर सभी जनपदीय अधिकारी उपस्थित होते है। अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे सभी मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की मंशानुरूप जनता जनार्दन को अपने तहसील स्तर पर ही उनकी शिकायतों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। संपूर्ण समाधान दिवस द्वारा शासन त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने विभाग स्तर पर ही शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। यदि प्राथमिक स्तर पर ही विकासखंड कार्यालय, एसडीएम कार्यालय व विभागाध्यक्ष द्वारा गुणवत्ता व संतुष्टिपरक समय-सीमा में शिकायतों का निस्तारण कर लिया जाए तो फरियादियों को डीएम, कमिश्नर व सीएम पोर्टल पर शिकायत करने की स्थिति ही नही आएगी।