सोनभद्र। भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही सूबे की भाजपा सरकार में भी ओबरा तहसील अंतर्गत बिल्ली-मारकुंडी पत्थर खदान क्षेत्र में न तो एनजीटी के सख्त निर्देशों का पालन किया जा रहा है, और न ही उप खनिज परिहार नियमावली 2021 के नियमों का कोई मोल रह गया है। जिला प्रशासन के लाख पावंदियों के बावजूद ऊंची पहुंच रखने वाले पट्टाधारकों के इशारे पर बिल्ली-मारकुंडी पत्थर खदान क्षेत्र में अवैध खनन व परिवहन का गोरखधंधा चरम पर है। हैरानी की बात तो यह है कि ओबरा तहसील क्षेत्र में 24 घंटे ओबरा एसडीएम के साथ ही स्थानीय थाना पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद अवैध खनन का गोरखधंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में मे. अजन्ता माइंस एण्ड मिनरल्स के नाम से प्रो. विजय कुमार को अराजी संख्या 4949 ख में नियमानुसार पत्थर निकालने के लिए करीब 10 वर्षो के लिए लीज आवंटित की गई है। आवंटित लीज का क्षेत्रफल 5.880 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। आरोप है कि अराजी संख्या 4949ख में आवंटित लीज से पट्टाधारक के इशारे पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। इस खदान क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, आरएफआईडी स्कैनर, चेक पोस्ट, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, श्रमिकों के लिए प्राथमिक उपचार एवं शौचालय जैसी व्यवस्थाएं नहीं हैं। तौल मशीन और परिवहन निगरानी प्रणाली में गड़बड़ी कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि मे. अजन्ता माइंस एण्ड मिनरल्स के प्रो. विजय कुमार, एक राजनैतिक पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में जाने जाते हैं। आरोप है कि अपनी राजनैतिक पैठ के बलबूते उनके द्वारा निर्धारित खदान क्षेत्र से नियमों को दरकिनार कर पत्थर का अवैध खनन निरंतर कराया जा रहा है। शायद यहीं कारण है कि खुले आसमान के नीचे चल रहे अवैध खनन के इस गोरखधंधे पर कार्रवाई करने के बजाए संबंधित अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। उधर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर मे. अजन्ता माइंस एण्ड मिनरल्स के प्रो. विजय कुमार से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। बाद ओबरा एसडीएम के सीयूजी नंबर 9454416853 पर काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन एसडीएम साहब का फोन आउट आफ रेंज होने से वार्ता नहीं हो सकी।