सोनभद्र। जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच ओबरा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुड़वा के तुमियां कमरान टोला में जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। जल निकासी की व्यवस्था बाधित होने से गरीब आदिवासी परिवारों के आशियानों पर खतरा मंडराने लगा है। समस्या से आक्रोशित दर्जनों ग्रामीणों ने बुधवार को राम बेलास गोंड की अगुवाई में कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण खंड-6 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।ग्रामीणों के अनुसार, उक्त स्थान पर वर्ष 1985 में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा बांध का निर्माण कराया गया था। बांध में पानी की निकासी के लिए कई निकास द्वार बनाए गए थे। आरोप है कि नहर किनारे सड़क निर्माण के दौरान कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण खंड-6 द्वारा इन निकास द्वारों को बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने निर्माण के दौरान इसका विरोध भी किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण बांध में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। करीब 600 मीटर क्षेत्र में लगी फसल जलमग्न हो चुकी है, जबकि पानी अब घरों के करीब पहुंच गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो पानी घरों में घुसने के साथ ही कच्चे मकानों के धाराशायी होने का खतरा है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette प्रदर्शन के दौरान राम बेलास गोंड और मुकेश ने आरोप लगाया कि कनहर सिंचाई परियोजना के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को कई बार दी गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिलता रहा। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अपने परिवार, रहने-खाने और पशुओं की सुरक्षा को लेकर दिन-रात चिंता सता रही है। इस संबंध में कनहर डिवीजन निर्माण खंड-6 के अधिशासी अभियंता ने कहा कि समस्या का जल्द निराकरण कराया जाएगा।
जेसीबी पहुंची तो किसानों ने जताया विरोध
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए संबंधित विभाग की ओर से मौके पर जेसीबी भेजी गई, लेकिन बांध काटकर पानी निकालने की आशंका से कुछ किसानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। किसान रामचंद्र, रामधनी, कैलास, विनोद, नंदू, मुन्ना और प्रमोद समेत अन्य लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि बांध काटने से उसके नीचे स्थित दर्जनों किसानों की धान की फसल बर्बाद हो सकती है। विरोध के चलते मौके पर समस्या का समाधान नहीं हो सका। किसानों ने मांग की कि बांध को काटने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य मशीनों की सहायता से पानी को पंडा नदी में गिराया जाए, ताकि ऊपर जलभराव की समस्या भी दूर हो और नीचे के किसानों की फसल भी सुरक्षित रह सके। साथ ही प्रभावित किसानों को तत्काल क्षतिपूर्ति एवं उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई। प्रदर्शन में राम बेलास गोंड, अनिल गोंड, सुनीता, कलावती, कमला देवी, लखन, जागशाह, जगू, रामप्यारे, हीरालाल, लक्ष्मण, दिनेश, वंशीधर और जगनारायण समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।