नई दिल्ली। देश में मौसम के दो बेहद विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं, जहां एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण- श्चिम मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है और यह अरब सागर के कई हिस्सों, बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के अधिकांश इलाकों में पहुंच चुका है। अगले तीन से चार दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण अंडमान-निकोबार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राहत की बात यह है कि बिहार और झारखंड के निवासियों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इन दोनों राज्यों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जहां हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।read more:https://pahaltoday.com/the-district-magistrate-did-live-monitoring-of-the-dust-control-campaign/हालांकि, बिहार और झारखंड के पश्चिमी हिस्सों में लू का असर भी बना रहेगा। इसके विपरीत, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। दूसरी ओर, देश का एक बड़ा हिस्सा फिलहाल भीषण गर्मी से झुलस रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लू का प्रकोप जारी रहेगा, जिसमें कुछ दिनों तक स्थिति बेहद गंभीर होने की आशंका है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी मौसम शुष्क और गर्म रहेगा। ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तापमान के साथ-साथ परेशान करने वाली उमस बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और विदर्भ में रातें भी काफी गर्म रहने वाली हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ेगा। आगामी दिनों में देश के मैदानी इलाकों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिसके बाद ही तापमान में गिरावट आने की उम्मीद की जा सकती है।