जनपद गाजियाबाद के तहसील मोदीनगर के विकासखंड भोजपुर के ग्राम औरंगाबाद गदाना निवासी श्री कपिल पुत्र श्री सुंदर एक समय बेरोजगार एवं भूमिहीन किसान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के कारण उनके सामने रोजगार और आय का स्थायी साधन उपलब्ध नहीं था।वर्ष 2025-26 में श्री कपिल ने पशुचिकित्सालय मोदीनगर से संपर्क किया। वहां के उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा उन्हें सूकर पालन योजना की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि योजना के अंतर्गत लगभग ₹1.47 लाख की परियोजना पर लाभार्थी को मात्र 10 प्रतिशत अपना अंश लगाकर योजना का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है।योजना की जानकारी मिलने के बाद श्री कपिल ने उत्साहपूर्वक आवेदन किया। चयन होने के उपरांत उन्हें योजना का लाभ प्राप्त हुआ और उन्होंने प्रारंभ में 11 सूकर खरीदे। सूकर पालन शुरू करने के बाद उनकी मेहनत और लगन का परिणाम सामने आने लगा। वर्तमान में उनके पास कुल 15 सूकर हैं तथा अब तक वे 4-5 सूकर बेचकर आय भी अर्जित कर चुके हैं।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/श्री कपिल बताते हैं कि सूकर पालन शुरू होने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। अब परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में पहले की अपेक्षा आसानी हुई है तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।श्री कपिल का कहना है कि यदि इसी प्रकार मेहनत और लगन से वे सूकर पालन का कार्य आगे बढ़ाते रहे, तो शीघ्र ही वे एक सफल एवं आत्मनिर्भर सूकर पालक बन सकेंगे।श्री कपिल इस योजना को अपने जीवन में रोजगार और आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं। इसके लिए वे पशुपालन विभाग, माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।संदेश सरकारी योजनाओं की सही जानकारी, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपनाई जाए तो बेरोजगारी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है। श्री कपिल की कहानी इसी परिवर्तन की एक प्रेरणादायक मिसाल है।