नमामि गंगे के तत्वाधान में प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित

ललितपुर। नमामि गंगे के तत्वाधान में जिला गंगा समिति द्वारा कृषि विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र, ललितपुर में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि खेतों में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से इनके अवशेष वर्षा अथवा सिंचाई के पानी के साथ बहकर नालों, तालाबों एवं नदियों तक पहुंच सकते हैं, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषण का खतरा बढ़ता है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर रासायनिक पदार्थों के प्रयोग को कम किया जा सकता है, जिससे मृदा स्वास्थ्य के साथ-साथ जल स्रोतों एवं नदियों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों के साथ जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन (मल्चिंग) तथा मिश्रित फसल प्रणाली के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteकार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद, उप निदेशक कृषि अख्तर हुसैन, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. दिनेश तिवारी एवं डॉ. सरिता देवी द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, किसानों को सरकारी योजनाओं, उन्नत बीजों एवं खाद प्रबंधन के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों से प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने तथा अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम में के.पी.एस. डिग्री कॉलेज में अध्ययनरत कृषि संकाय के छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यशाला में डॉ. विकास मंडलोई, पुष्पेन्द्र पुरोहित, अंकेश यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति, केतन दुबे द्वारा किया गया।

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