जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में वर्तमान समय के बदलते परिवेश एवं विधि शिक्षा के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण मंथन बैठक का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. आरके सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि विभाग के सभी सम्मानित प्राध्यापक एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।कुलपति प्रो. आरके सिंह ने बैठक के दौरान बदलते दौर में इंटरनेट व डिजिटल अपराधों (E-Crime) की चुनौतियों से निपटने के लिए छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने हेतु ई-क्राइम पर आधारित मूट कोर्ट (Moot Court) के आयोजन पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के शैक्षणिक व व्यावहारिक विकास के लिए जिला, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का निर्देश दिया।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/
तकनीक का समावेश और नए पाठ्यक्रमों का सुझाव
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सिंह तथा साइबर लॉ एक्सपर्ट डॉ. निसीथ दीक्षित इस मंथन में जुड़े। उन्होंने पारंपरिक पाठ्यक्रम में आधुनिक तकनीकों और डिजिटल टूल को शामिल करने का सुझाव दिया। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए साइबर लॉ, डिजिटल फॉरेंसिक और नए कानूनी पहलुओं पर आधारित नए सर्टिफिकेट कोर्स एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के सुझाव दिए गए।विश्वविद्यालय में शोध और आधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ स्थापित करने पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनोद कुमार ने कहा कि वर्तमान पाठ्यक्रम में भविष्य की संभावनाओं को तराशने एवं बैठक में मिले सुझावों को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनोद कुमार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर साइबर लॉ एक्सपर्ट डॉ. अनूप गिरधर तथा विधि विभाग के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।