*रसूलाबाद से उठी साक्षरता की अलख: 37 जन शिक्षक मैदान में, 5000 वयस्कों को मिलेगा ‘अक्षर ज्ञान’*

 *पहल टुडे हरिकृष्ण कश्यप रसूलाबाद (कानपुर देहात),  कानपुर देहात के रसूलाबाद ब्लॉक में निरक्षरता के अंधकार को मिटाने के लिए एक और मजबूत कदम उठाया गया है। श्रमिक भारती और शिव नाडर फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से संचालित “शिक्षा फॉर एडल्ट्स” कार्यक्रम के तहत बुधवार को 37 जन शिक्षकों का गहन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब ये प्रशिक्षित जन शिक्षक सात ग्राम पंचायतों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए निकल पड़े हैं आठ पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान  यह महत्वाकांक्षी अभियान ब्लॉक की बिरुहून, नैला, कसमडा, परसौरा, मलखानपुर, रायपुर,  मलकापुरवा और अंगदपुर ग्राम पंचायतों में केंद्रित रहेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी 37 जन शिक्षक अब अपने-अपने गांव में घर-घर जाकर सर्वे अभियान चलाएंगे। इस दौरान 15 वर्ष से अधिक उम्र के उन सभी महिला-पुरुषों को चिन्हित किया जाएगा जो किसी कारणवश पढ़-लिख नहीं सके ऐसे चलेगी पाठशाला: 2 घंटे, 15 लोग, 3 बैच संस्था की कार्ययोजना के मुताबिक, प्रत्येक जन शिक्षक अपने गांव में चिन्हित निरक्षर लोगों के 15-15 सदस्यों वाले तीन बैच तैयार करेगा। हर बैच की कक्षा प्रतिदिन दो घंटे तक चलेगी, जिसमें वयस्कों को हिंदी वर्णमाला, मात्राएं, अपना नाम लिखना, हस्ताक्षर करना और रोजमर्रा के जोड़-घटाव का बुनियादी ज्ञान दिया जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/complaint-of-illegal-felling-of-green-mango-trees-in-belhara/ प्रशिक्षण समापन समारोह में श्रमिक भारती के संस्थापक गणेश शंकर पांडे, प्रोग्राम डायरेक्टर साधना घोष, प्रोजेक्ट मैनेजर दुर्गेश पटेल, डाटा ऑपरेटर उत्कर्ष खरे, फील्ड सुपरवाइजर रोहित पाण्डेय, फराज खान, अभिषेक श्रीवास्तव तथा प्रशिक्षक राहुल आनंद व शुभम मिश्रा सहित पूरी कोर टीम मौजूद रही।”दृढ़ संकल्प से पूरा होगा साक्षर रसूलाबाद का सपना”  श्रमिक भारती के संस्थापक गणेश शंकर पाण्डेय ने कहा, “रसूलाबाद में साक्षरता की स्थिति चिंताजनक है। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष आज भी अंगूठा लगाने को मजबूर हैं। असाक्षर को साक्षर बनाने का बीड़ा हमारे संस्थान ने उठाया है और इसे हम दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करेंगे। हमारा लक्ष्य पूरे रसूलाबाद को साक्षर बनाना है। पिछली सफलता से मिला हौसला, अब 5000 का नया लक्ष्य  प्रोग्राम डायरेक्टर साधना घोष ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा, “हमारा प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सफलतापूर्वक चल रहा है। विगत वर्ष हमने 8 ग्राम पंचायतों में 7000 लोगों को साक्षर करने का कार्य सफलतापूर्वक किया था। उस सफलता से उत्साहित होकर इस वर्ष हमने 5000 लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा है उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजर, तीन फील्ड सुपरवाइजर और 37 जन शिक्षकों की सशक्त टीम मैदान में है। “पूरी टीम कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ काम करेगी। हमें विश्वास है कि धीरे-धीरे हम पूरे रसूलाबाद को साक्षर बनाने में कामयाब होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *