कायमगंज एसडीएम न्यायालय में अधिवक्ताओं पर हंगामा व तोड़फोड़ के आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

तहसील कायमगंज स्थित उपजिलाधिकारी न्यायालय में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अधिवक्ताओं के एक समूह पर न्यायालय कक्ष में घुसकर अभद्रता, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा। मामले में न्यायालय के अहलमद ने कोतवाली कायमगंज में तहरीर देकर संबंधित अधिवक्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मुताबिक तहरीर , अहलमद अनुज कुमार पुत्र स्व. महाराम, मूल निवासी ग्राम भोपत नगला सदर तहसील, उस समय न्यायालय एसडीएम कायमगंज में नियमित राजकीय कार्य संपादित कर रहे थे। तहरीर में उन्होंने बताया कि शाम करीब 4:45 बजे लगभग दस अधिवक्ता, जिनमें सरनेश यादव, इन्द्रेश गंगवार, अवनीश गंगवार उर्फ लालू समेत अन्य शामिल थे, अचानक न्यायालय में आ गए और वहां मौजूद कर्मचारियों से अभद्रता करने लगे। आरोप है कि अधिवक्ताओं ने न्यायालय की महत्वपूर्ण पत्रावलियों को अस्त-व्यस्त कर दिया तथा एक अधिवक्ता ने मुख्य दरवाजे पर लात मारकर उसकी कुंडी तोड़ दी।read more:https://worldtrustednews.in/ghazipur-poetry-symposium-under-chetana-pravah-poets-enthralled-the-audience/अहलमद ने अपनी तहरीर में घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस से मांग की है कि आरोपित अधिवक्ताओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। = तहरीर के आधार पर कोतबाली पुलिस द्वारा तीन ज्ञात वहीं पाँच – छः अज्ञात अधिवक्ताओं के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है =  *विवाद की पृष्ठभूमि भी आई सामने* उसके अनुसार : – अधिवक्ताओं के आक्रोश के पीछे लंबे समय से चली आ रही समस्याएं भी सामने आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, जनहित से जुड़े मामलों और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले कई महीनों से आंदोलनरत हैं। वे कई बार धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान न होने से असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी अधिवक्ता रेवेन्यू बार एसोसिएशन की आम सभा के बाद अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद तहसील परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यदि आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज होता है, तो इससे अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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